Uttarakhand Politics: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद उत्तराखंड में भाजपा ने सभी 12 जिलों में जिला पंचायत पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जहां पार्टी समर्थित प्रत्याशी अच्छी संख्या में जीतकर आए हैं, वहीं अब फोकस निर्दलीय सदस्यों को समर्थन में लाने पर है, ताकि बहुमत सुनिश्चित किया जा सके।

Uttarakhand Politics: अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही
भाजपा इस बार हर जिले में अपनी मजबूत स्थिति बनाना चाहती है। इसी रणनीति के तहत पार्टी नेताओं और मंत्रियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। सोमवार को उत्तरकाशी जिले के 20 जिला पंचायत सदस्यों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इससे पहले रुद्रप्रयाग के प्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। इस तरह, पार्टी लगातार विजयी सदस्यों को एकजुट कर रही है और निर्दलीयों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है।
Uttarakhand Politics: पार्टी को 10 जिलों में सफलता मिली
इस बीच, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। भाजपा ने पहले से ही यह लक्ष्य तय कर लिया है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार 12 में से सभी जिलों में अपना बोर्ड बनाया जाए। पिछले चुनाव में पार्टी को 10 जिलों में सफलता मिली थी।
Uttarakhand Politics: प्रतिनिधियों की आवाजाही देखी जा रही
देहरादून सहित कई जिलों में पार्टी ने स्थानीय स्तर पर विशेष रणनीति बनाई है। मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे संबंधित जिलों में जाकर समर्थन जुटाएं और निर्दलीय सदस्यों को पार्टी की नीतियों से जोड़ें। मुख्यमंत्री आवास भी इस कवायद का केंद्र बन गया है, जहां लगातार नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों की आवाजाही देखी जा रही है।
Uttarakhand Politics: आगामी चुनावों के लिए जमीनी तैयारी भी है
पार्टी के वरिष्ठ नेता हर जिले की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शतरंज की बिसात की तरह हर चाल सोच-समझकर चली जा रही है। पार्टी का मकसद केवल बहुमत हासिल करना नहीं है, बल्कि संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावों के लिए जमीनी तैयारी भी है।
