Uttarakhand Panchayat By-election : उत्तराखंड में 20 नवंबर को पंचायत उपचुनाव आयोजित किए जाने हैं। प्रदेश में ग्राम पंचायत सदस्य के 33,114 पद, ग्राम प्रधान के 22 पद, जिला पंचायत सदस्य का एक पद और क्षेत्र पंचायत सदस्य के दो पद खाली पड़े हैं।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि हरिद्वार को छोड़कर राज्य के सभी जिलों में यह उपचुनाव कराया जाएगा। रिक्त पदों पर चुनाव प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार द्वारा घोषित समय- सारणी के अनुसार कराई जाएगी।
रिक्त पद
पिछले पंचायत चुनाव में कुछ पदों पर चुनाव नहीं हो पाए थे या कुछ विजेताओं ने शपथ नहीं ली थी, जिसके कारण ये पद खाली रह गए हैं। उपचुनाव के अंतर्गत मतदाता पुनः अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।त्रिस्तरीय पंचायतों में सर्वाधिक रिक्तियां ग्राम पंचायत सदस्य के पदों पर हैं। प्रदेश में कुल 33,114 सदस्य पद खाली हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान के 22 पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2 और जिला पंचायत सदस्य का 1 पद रिक्त है।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो पद न्यायालय के स्थगन आदेश से बाधित हैं, उन पर चुनाव नहीं होगा। बाकी सभी रिक्त पदों पर उपचुनाव अनिवार्य रूप से कराए जाएंगे।
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चुनाव प्रक्रिया और तैयारी
उपचुनाव के लिए व्यापक रूप से तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रशासन हर कोण से तैयारी कर रहा है जिससे चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। वोटिंग के लिए चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई है और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
Uttarakhand Panchayat By-election : परिणाम की घोषणा और प्रभाव
मतगणना 22 नवंबर को होगी। नए निर्वाचित प्रतिनिधि पंचायतों का गठन पूर्ण करेंगे और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी। यह उपचुनाव उत्तराखंड की पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेंगे और लोक प्रतिनिधित्व को बेहतर बनाएंगे।
राज्य में पंचायत उपचुनाव स्थानीय विकास और शासन की गुणवत्ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रिक्त पदों पर चुनाव से स्थानीय प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रदेशवासियों की भागीदारी से उत्तराखंड का लोकतंत्र और मजबूत होगा।
