Uttarakhand Industrial Growth and Employment : 25 वर्षों में उत्तराखंड ने औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छलांग लगाई है। राज्य की भूमि पर 80,000 उद्योगों की बुनियाद पड़ चुकी है, जिससे न सिर्फ पूंजी निवेश बढ़ा, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी मिला।
राज्य गठन से पहले की औद्योगिक स्थिति
जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब यहां केवल कुछ ही उद्योग मौजूद थे। उस समय कुल 14,163 एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) के तहत उद्योग थे, जिनमें करीब 700 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश था और सिर्फ 38,500 लोगों को रोजगार मिला करता था।
औद्योगिक विकास की नई शुरुआत
राज्य गठन के बाद सरकार ने विशेष औद्योगिक पैकेज, बेहतर नीतियां और इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी। वर्ष 2003 में केंद्र सरकार के विशेष औद्योगिक पैकेज के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इससे औद्योगिक गतिविधियों में जबरदस्त तेजी आई और उत्तराखंड देश का एक आकर्षक मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बन गया है।
80,000 उद्योगों की बुनियाद
उत्तराखंड में बीते 25 वर्षों में करीब 80,000 उद्योगों की स्थापना हुई है। इनमें 17,000 करोड़ से ज्यादा का पूंजी निवेश आया। इसमें सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े सभी स्तर के उद्योग शामिल हैं। लघु और कुटीर उद्योगों के अलावा ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) क्षेत्रों में भी बड़ा विस्तार हुआ।
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रोजगार और सामाजिक बदलाव
उद्योगों के विस्तार से उत्तराखंड में 4 लाख से अधिक लोगों को सीधा-प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इससे राज्य की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई और पलायन की समस्या पर भी नियंत्रण पाया गया। शहरों के अलावा ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में भी छोटे-छोटे उद्योग स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
सरकार और उद्योग नीति का योगदान
प्रदेश की सरकारों ने उद्योग अनुकूल नीति, तेज स्वीकृति प्रक्रिया, एकल खिड़की सिस्टम, भूमि बैंक, हेल्पडेस्क और सब्सिडी जैसे कई इनोवेटिव उपाय किए। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की नेतृत्व में औद्योगिक क्रांति के लिए आधारशिला रखी गई, जिसका लाभ अब उत्तराखंड के नागरिकों को मिल रहा है।
25 सालों में उत्तराखंड की ज़मीन पर 80 हजार उद्योग स्थापित होना राज्य की आर्थिक शक्ति और दूरदर्शिता का प्रमाण है। औद्योगिकरण ने उत्तराखंड को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई है। यह सिलसिला आगे भी राज्य विकास के नए आयाम गढ़ता रहेगा।
