Uttarakhand government 7 announcements : उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया है। इसके साथ ही सीएम ने आंदोलनकारियों के लिए 7 बड़ी घोषणाएं की हैं। जिसके तहत अब आंदोलनकारियों को पहले से ज्यादा पेंशन मिलेगी।
लंबित आवेदनों का निस्तारण
अधिकारियों को लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा ताकि कोई पात्र आंदोलनकारी छूट न जाए।
7 बड़ी घोषणाएं
शहीद आंदोलनकारियों के नाम पर विकास कार्यों का नामकरण: सरकार अब शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर उनके इलाके की जरूरी सरकारी सुविधाओं और इमारतों का नाम रखेगी।
आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ी: राज्य आंदोलन के दौरान जेल गए या घायल आंदोलनकारियों की पेंशन 1000 रुपए बढ़ाकर 7,000 रुपए।
अन्य श्रेणी के आंदोलनकारियों को भी फायदा: पेंशन 4,500 रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रतिमाह।
दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन 10 हजार बढ़ी: आंदोलन के दौरान पूरी तरह से दिव्यांग हुए और बेड पर जीवन बिता रहे आंदोलनकारियों की पेंशन 20,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपए प्रतिमाह, साथ ही इन्हें मेडिकल अटेंडेंट भी दिया जाएगा।
आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन बढ़ी: शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों की पेंशन 2500 रुपए बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रतिमाह।
लंबित आवेदन निस्तारण को 6 माह का विस्तार: 2021 तक जिलाधिकारियों को लंबित चिन्हीकरण आवेदन निपटाने के लिए अतिरिक्त समय।
सभी शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण: प्रदेशभर में स्थित सभी शहीद स्मारकों को दुरुस्त और व्यवस्थित किया जाएगा।
फूल बरसाए
राज्य स्थापना के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में हेलिकॉप्टर से राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में पुष्प वर्षा की। यह श्रद्धांजलि उनकी बहुमूल्य सेवा और बलिदान का प्रतीक है।
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मुख्यमंत्री का सन्देश
सीएम धामी ने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वह राज्य स्थापना दिवस की संध्या पर अपने घरों में पांच दीपक जलाकर शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में श्रद्धांजलि दें। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन की भावना ही उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की प्रेरणा है।
