Uttarakhand Government: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर केदारनाथ में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना की विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।

Uttarakhand Government: ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया है
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि घटना के तुरंत बाद उच्चस्तरीय बैठक की गई और दुर्घटना की गहराई से जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय के लिए कमांड एंड को-ऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
Uttarakhand Government: केंद्र से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी सीएम धामी से फोन पर बात कर हादसे की जानकारी ली और केंद्र से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
Uttarakhand Government: परिजनों को धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को धैर्य प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
Uttarakhand Government: किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
मुख्यमंत्री धामी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जिंदगियों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Uttarakhand Government: ऑपरेटर कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे
रविवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि देहरादून में एक कॉमन कमांड और को-ऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसमें डीजीसीए, आपदा प्रबंधन, नागरिक उड्डयन, यूकाडा और हेलिकॉप्टर ऑपरेटर कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे।
इसके साथ ही सोमवार तक चारधाम की सभी हेलिकॉप्टर सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। हाई हिमालय क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले पायलटों और ऑपरेटरों के अनुभव की भी जांच की जाएगी। सभी ऑपरेटरों के साथ बैठक के बाद ही हेलिकॉप्टर सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।
