Uttarakhand Forest Minister firewood supply: ईरान-इजराइल जंग के कारण डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस का संकट बढ़ने लगा है। इससे निपटने के लिए उत्तराखंड के संसदीय कार्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने फार्मूला निकाला है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ने पर राज्य सरकार होटल-रेस्टोंरेट को उनकी जरूरत के अनुसार लकड़ियां मुहैया कराएगी।
वन मंत्री का फार्मूला
मंत्री सुबोध उनियाल ने इस संबंध में विभाग के अफसरों को वन निगम से लकड़ी का इंतजाम करने के निर्देश भी दे दिए हैं। वन मंत्री का यह फार्मूला काफी चर्चाओं में है। PNC-CNG के दौर में होटल रेस्टोरेंट को उनकी रसोई में चूल्हे जलाने के लिए लकड़ी देने की बात पर खूब चटखारे लिए जा रहे हैं। सदन में कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को उठाया।

विपक्ष ने बनाया मुद्दा
वन मंत्री उनियाल का बयान पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में गैस का संकट पैदा हो रहा है और वन मंत्री का बयान आ रहा है कि वो इस संकट को खत्म करने के बजाए लकड़ियां मुहैया कराएंगे। विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार को गैस का इंतजाम करना चाहिए। लकड़ियों की बात कर वो राज्य को किस दिशा में ले जाना चाह रहे हैं? विपक्ष ने इस मुद्दे पर नियम 310 के तहत सदन की कार्यवाही रोकते हुए चर्चा कराने की मांग रखी।
Uttarakhand Forest Minister firewood supply: वन निगम को निर्देश
वहीं विपक्ष के मुद्दा बनाते देख संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि, वर्तमान में उत्तराखंड में घरेलू रसोई गैस की कोई दिक्कत नहीं है। हालिया हालात की वजह से फिलहाल शैक्षिक संस्थान और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ें संस्थानों को कामर्शियल गैस सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे में अगर होटल-रेस्टारेंट आदि अन्य सेक्टर के सामने ईंधन की समस्या आती है, उसका सही समाधान किया जाएगा। प्राथमिक रूप से वन निगम को लकड़ी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
