तैयारियों में लगी पुलिस
इस महत्वपूर्ण लॉन्चिंग को लेकर उत्तराखंड पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल पर एक विशाल पंडाल लगाया जाएगा, जिसमें देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों को लेकर एक प्रदर्शनी लगेगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनता को फॉरेंसिक जांच में शुरू की जा रही नई प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली और आधुनिकीकरण को दर्शाते हुए कई महत्वपूर्ण स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें विशेष रूप से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, साइबर अपराध, जेल प्रशासन, कोर्ट और अभियोजन निदेशालय आदि से जुड़े स्टॉल शामिल होंगे।

ई-जीरो FIR गृह मंत्रालय का प्रोजेक्ट
इन स्टॉलों के जरिए प्रदेश पुलिस के आगामी बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा भी पेश की जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह स्वयं इस प्रदर्शनी और सभी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता सुनील मीणा के मुताबिक ई-जीरो FIR गृह मंत्रालय का प्रोजेक्ट है। इसलिए गृहमंत्री शाह से शुभारंभ की तैयारी पूरी कर ली गई है।
ई-जीरो FIR
ई-जीरो FIR प्रणाली लागू करने वाला उत्तराखंड देश का तीसरा राज्य बनेगा। इससे पहले दिल्ली और मध्य प्रदेश में ये प्रणाली थी। ई-जीरो FIR के लागू होने से अब प्रदेश में कोई भी पीड़ित किसी भी स्थान से तुरंत अपनी FIR दर्ज करा सकेगा। जिस थाने की घटना होगी, पीड़ित को वहां तुरंत जाने की जरूरत नहीं होगी। पीड़ित को केवल एक बार थाने में साइन करने के लिए जाना पड़ेगा।

Uttarakhand e-Zero FIR: कहीं से भी होगी FIR
ई-जीरो FIR आधुनिक और सुविधाजनक पुलिस व्यवस्था है, जिसमें कोई भी पीड़ित अपराध होने पर थाना क्षेत्र की चिंता किए बिना ऑनलाइन माध्यम से कहीं से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। जीरो FIR नियम के तहत किसी भी थाने में शिकायत की जा सकती है। बाद में पुलिस उसे संबंधित थाने को ट्रांसफर कर देगी। ई-जीरो FIR में पीड़ित को किसी थाने जाने की जरूरत नहीं होगी।
