चंपावत को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में उठाया बड़ा कद
उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के ठूलीगाड़ में विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने मां पूर्णागिरि के चरणों में नमन करते हुए प्रदेश में शांति, समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार मेले को पूरे वर्ष संचालित करने के लिए संकल्पित है और इसके लिए स्थायी बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई योजनाओं की घोषणा की, जिनमें स्मार्ट कंट्रोल रूम और सीसीटीवी निगरानी तंत्र की स्थापना, सेलागाड़ में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन, लादीगाड़ में पंपिंग पेयजल योजना, और रोपवे निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने पूर्णागिरि को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन सर्किट में बदलने की योजना का भी उल्लेख किया, जो आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों को भी जोड़ेगा।
उन्होंने कहा कि चंपावत जिला संस्कृति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम है और सरकार इसे एक अग्रणी धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि टनकपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी बनाया जा रहा है और चंपावत में मल्टीलेवल पार्किंग की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी विकास कार्यों की जानकारी दी, जिनमें 55 करोड़ की लागत से साइंस सेंटर, 20 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 15 करोड़ की लागत से आयुष अस्पताल और 28 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन भी तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, टनकपुर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा के साथ-साथ चंपावत के अन्य धार्मिक स्थलों की भी यात्रा करें और यहां की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव लें।
