CM ने सेना कि तारीफ की
ऑपरेशन सिंदूर, जो 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, एक सटीक सैन्य अभियान था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। यह अभियान पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें 26 लोग, मुख्य रूप से पर्यटक, मारे गए थे। ऑपरेशन में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर लगभग 100 आतंकवादियों को मार गिराया और आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया। इस सफलता ने भारत की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को विश्व स्तर पर प्रदर्शित किया।
Operation Sindoor Success: उत्तराखंड वीरभूमि
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना के अदम्य साहस, अपार वीरता और उत्कृष्ट रणनीतिक कौशल का प्रतीक है। यह न केवल आतंकवाद के खिलाफ हमारी ताकत को दर्शाता है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और रक्षा मंत्रालय की दूरदर्शिता को भी रेखांकित करता है।” उन्होंने आगे कहा, “उत्तराखंड वीरभूमि है, जहां हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में देश की सेवा करता है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। हमारे सैनिकों ने आतंकवाद को करारा जवाब देकर यह साबित कर दिया कि नया भारत किसी भी चुनौती का जवाब अपनी शर्तों पर देता है।”
Read More: नैनीताल में पार्किंग संकट का समाधान: गृह मंत्रालय ने धामी सरकार को सौंपी ये जिम्मेदारी
दुनिया ने भारत की शक्ति को देखा
धामी ने यह भी जोड़ा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्वदेशी हथियारों और तकनीक पर जोर दिया है, जिसका परिणाम इस ऑपरेशन में देखने को मिला। दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति को देखा और आतंकवादियों पर प्रहार करने वाले स्वदेशी हथियारों का प्रभाव जाना।” उन्होंने चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सैनिकों का सम्मान करने की अपील की और कहा, “यदि आप यात्रा मार्ग पर किसी सैनिक को देखें, तो उन्हें सलाम करें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने वीर जवानों का सम्मान करें।”
CM धामी ने सैनिकों से किया संवाद
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सैनिकों के साथ संवाद किया और उनकी वीरता को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा, “यह संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों के साहस और बलिदान को सम्मान देने का अवसर है।” इस अवसर पर तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा का भी उल्लेख किया गया, जो ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को समर्पित थी।
