
34 परियोजनाओं का शिलान्यास
राज्य सरकार का दावा है कि ये काम सिर्फ मेले तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हरिद्वार के विकास की नींव भी मजबूत करेंगे। सरकार की ओर से स्वीकृत 34 परियोजनाएं स्थायी हैं। इनका उद्देश्य कुंभ-2027 को सुरक्षित और भव्य बनाना है। सरकार की घाटों का सुदृढ़ीकरण, बेहतर सड़क संपर्क, पेयजल आपूर्ति और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था को प्राथमिकता साफ नजर आई। CM धामी ने कहा कि इन कार्यों से कुंभ मेला-2027 का आयोजन भव्य होगा, साथ ही हरिद्वार को स्थायी आधारभूत ढांचा मिलेगा।
Haridwar Kumbh Mela 2027: खर्च का ब्योरा
- घाट निर्माण और सिंचाई अवसंरचना: 7 कार्य (70.54 करोड़ रुपए)
- सड़क और परिवहन अवसंरचना: 12 कार्य (127.23 करोड़ रुपए)
- पेयजल और जल आपूर्ति: 9 कार्य (18.11 करोड़ रुपए)
- श्रद्धालु सुविधाएं और सहायक अवसंरचना: 6 कार्य (18.67 करोड़ रुपए)
सबसे ज्यादा फोकस सड़क और परिवहन व्यवस्थाओं पर है, ताकि मेले के दौरान ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन में दिक्कत न आए।
कुंभ और चारधाम यात्रा की तैयारियां
CM धामी ने कहा कि कुंभ और चारधाम यात्रा की तैयारियां लगातार की जा रही हैं। 2025 की चारधाम यात्रा समाप्त होते ही 2026 यात्रा की तैयारी शुरू कर दी गई थी और इसके लिए कई बैठकें की गई हैं। इस बार यात्रा अप्रैल में शुरू होगी, जब स्कूल बंद रहते हैं और श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी काम समय रहते पूरे कर लिए जाएं और कुंभ से जुड़ी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हों।
