19 प्रस्तावों पर चर्चा
करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें कर्मचारियों, न्यायिक व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर, विधानसभा सत्र और पर्यटन से जुड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों को उत्तराखंड सरकार के अहम नीतिगत निर्णयों में माना जा रहा है। उपनल कर्मियों से जुड़ा निर्णय लंबे समय से लंबित था, जबकि UCC अध्यादेश में संशोधन को लेकर भी कैबिनेट स्तर पर स्पष्ट रुख अपनाया गया है।

CM Dhami UCC Amendment: इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
होमस्टे योजना का लाभ
कैबिनेट बैठक में होमस्टे योजना को लेकर अहम फैसला लिया। तय किया गया है कि इस योजना का लाभ अब केवल स्थानीय लोगों को ही मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पर्यटन से होने वाले लाभ को सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंचाना है।
समान कार्य–समान वेतन
कैबिनेट ने साल 2015 से पहले नियुक्त किए गए उपनल कार्मिकों को समान कार्य के बदले समान वेतन देने का फैसला लिया। इस फैसले से राज्य के करीब 7000 उपनल कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि उपनल के तहत नियुक्तियों में पूर्व सैनिकों यानी एक्स-सर्विसमैन को पहले की तरह प्राथमिकता दी जाती रहेगी।
समान नागरिक संहिता अध्यादेश
कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता अध्यादेश 2025 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। संशोधन के बाद अध्यादेश से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक बदलाव लागू होंगे । यह फैसला कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर अहम माना जा रहा है।
रोपवे, टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग
CM Dhami UCC Amendment: उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए कैबिनेट ने BRIDCUL को अधिकृत किया है। रोपवे, टनल और ऑटोमेटेड पार्किंग जैसी परियोजनाओं की जिम्मेदारी अब BRIDCUL के पास होगी, जिससे शहरी और पर्यटन के क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।
