Uttarakhand Char Dham Yatra: अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री धाम और यमनोत्री धाम के कपाट को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही करीब 6 महीने तक चलने वाली चार धाम यात्रा की शुरुआत हो गई।
हेलिकॉप्टर से बरसे फूल
सबसे पहले मां गंगा की डोली मुखबा से सुबह गंगोत्री धाम पहुंची। राजपूताना राइफल्स के बैंड की धुनों के बीच मां गंगा की पूजा-अर्चना की गई, और हेलिकॉप्टर से मंदिर पर फूल बरसाए गए।
पूजा के दौरान 1 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद रहे। उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने पूजा-अर्चना की।
भाई यमराज की डोली विदा करने आई
गंगोत्री के बाद यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 11:55 बजे खोले गए। यमुना मां की उत्सव डोली यमुनोत्री धाम पहुंची, फिर पुजा-अर्चना के बाद यमुनोत्री के कपाट खोले गए। यमुनोत्री धाम में वैदिक मंत्रों के साथ मां यमुना का स्वागत किया गया। इस दौरान उनके भाई यमराज जी की डोली भी उन्हें विदा करने धाम आई।
Read More: पाकिस्तानी हिंदुओं को चार धाम यात्रा से रोका : पहलगाम हमले के बाद सख्त सुरक्षा उपाय
2 मई को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
2 मई को सुबह 7 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। और 4 मई को सुबह 6 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
Uttarakhand Char Dham Yatra: सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर आतंकवाद निरोधक दस्ता(ATS), अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवानों की नजर रहेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 10 कंपनी पैरामिलिट्री, 17 कंपनी PAC के साथ ही 10 स्थानों पर ATS तैनात रहेगा। 65 स्थानों पर SDRF की टीमें तैनात रहेंगी। वहीं PAC की 17 कंपनी और 6 हजार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी चारधाम यात्रा में लगाई गई है। पूरे यात्रा रूट को ड्रोन से कवर किया जाएगा। 2000 CCTV कैमरे के माध्यम से यात्रा रूट पर सुरक्षा और यातायात की निगरानी की जाएगी।
