Uttar Pradesh Police drug bust: उत्तर प्रदेश पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर में एक अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹2.01 करोड़ नकद, 6.075 किलोग्राम गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद किया है। बरामद ड्रग्स और नकदी की कुल कीमत 3 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है।
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की कमान पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़, दीपक भूकर ने संभाली, जो इससे पहले प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुर्खियों में रह चुके हैं। इस बार उन्होंने प्रतापगढ़ में ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया।
नकद की गिनती में पुलिस की मेहनत
बरामद रकम 100, 50 और 20 रुपये के नोटों में थी। नोट गिनना शुरू करने पर पुलिसकर्मी जल्दी थक गए। कई महिला पुलिसकर्मी पसीना पोंछते हुए नोट गिनती में जुटी रहीं। इसके बाद पुलिस ने चार नोट गिनने वाली मशीनें मंगाईं और मशीनों से नकदी की पूरी गिनती की गई।
इस दौरान पुलिसकर्मियों ने कहा कि यह रकम इतनी बड़ी थी कि पहले इसे हाथ से गिनना लगभग असंभव था। नोटों की गिनती पूरी होने पर पता चला कि गिरोह की कमाई और कारोबार का पैमाना कितना बड़ा था।

Uttar Pradesh Police drug bust: राजेश मिश्रा के घर पर छापेमारी
शनिवार सुबह करीब 9 बजे सहायक पुलिस अधीक्षक (CO) सहित 4 पुलिस टीमों ने मानिकपुर के मुंदीपुर में रहने वाले शातिर गांजा तस्कर राजेश मिश्रा के घर छापेमारी की। राजेश मिश्रा पर गांजा, स्मैक तस्करी समेत 14 मामले दर्ज हैं और वह वर्तमान में जेल में बंद है।
पुलिस ने घर की एक-एक कोने की तलाशी ली। पन्नियों, झोलों और बोरी में बड़ी मात्रा में नकद नोट बरामद हुए। पुलिस ने सभी नोट इकट्ठा कर गिनने के लिए अलग रखा। इस छापेमारी में कुल 22 पुलिसकर्मी 4 गाड़ियों से पहुंचे थे और पूरे ऑपरेशन को सुचारू रूप से अंजाम दिया।

मुखिया रीना मिश्रा और परिवार के अन्य सदस्य गिरफ्तार
छापेमारी के बाद पुलिस ने गिरोह की मुखिया रीना मिश्रा (40 वर्ष), उनके बेटे विनायक मिश्रा (19 वर्ष), बेटी कोमल मिश्रा (20 वर्ष), दो भतीजे यश (19 वर्ष) और अजीत मिश्रा (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के समय रीना मिश्रा ने कमरे का दरवाजा बंद कर पुलिस को रोकने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया। रीना मिश्रा पहले भी जेल जा चुकी है और वह 15 दिन पहले जमानत पर छूटी थी। उस पर भी 6 अलग-अलग मामले चल रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह की मास्टरमाइंड रीना मिश्रा है और उसका परिवार गांजा व स्मैक तस्करी में सक्रिय है। बरामद नकदी और ड्रग्स से स्पष्ट हो गया कि यह गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर काम कर रहा था।

Uttar Pradesh Police drug bust: कैसे बनाई रणनीति?
इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने रणनीति बनाई। उन्होंने पहले प्रतापगढ़ में स्थानीय तस्करों की गतिविधियों की निगरानी की और ड्रग्स की सप्लाई चैन की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने सटीक समय पर छापेमारी करके गिरोह के सभी प्रमुख सदस्यों को दबोच लिया।
