Uttar Pradesh Floods: उत्तर प्रदेश में मानसून 2025 ने जमकर कहर बरपाया है। IMD के अनुसार, 1-7 अगस्त तक राज्य में 10% अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। प्रदेश के 55 जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जिसमें 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। प्रयागराज, गोरखपुर, और बस्ती में सुबह से झमाझम बारिश हो रही है, जबकि लखनऊ में बादल छाए हुए हैं। सोनभद्र में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे तालाब में तब्दील हो गया। मौसम विभाग ने अगले 24-36 घंटों तक बारिश जारी रहने और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी है।
36 जिलों में आपदा
उत्तर प्रदेश के 36 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें 1,877 गांव जलमग्न हैं और 61,852 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा, और रामगंगा जैसी प्रमुख नदियां कई क्षेत्रों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा हापुड़, बदायूं, फर्रुखाबाद, और बलिया में खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि घाघरा बाराबंकी, अयोध्या, और बलिया में ऊंची बह रही है। प्रभावित जिलों में बहराइच, बाराबंकी, बलिया, बस्ती, बिजनौर, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मिर्जापुर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, वाराणसी, आगरा, औरैया, बांदा, इटावा, फतेहपुर, हमीरपुर, जालौन, भदोही, कानपुर देहात, कानपुर नगर, अयोध्या, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, और उन्नाव शामिल हैं।

Uttar Pradesh Floods: नाव से बारात
फर्रुखाबाद में बाढ़ ने 50 से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बीच, एक अनोखी घटना सामने आई, जहां तहसील सदर के गांव पंखियन की मड़ैया निवासी साजिद रजा और जमीला खातून की बेटी ताजमीन का निकाह कस्बा कमालगंज के शफीक के बेटे समीर के साथ तय था। बाढ़ के कारण सड़कें डूब गईं, इसलिए 50 बारातियों के लिए नाव की व्यवस्था की गई। मंगलवार को बारात ने 5 किमी की दूरी नाव से तय कर कमालगंज पहुंची, जहां निकाह की रस्में पूरी हुईं और शाम को बारात विदा हुई।

राहत और बचाव कार्य
Uttar Pradesh Floods: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। 16 एनडीआरएफ, 18 एसडीआरएफ, और 31 पीएसी टीमें राहत और बचाव कार्यों में लगी हैं। 2,610 नावें और मोटरबोट्स तैनात की गई हैं। 1,222 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जहां 65,437 प्रभावित लोगों को आश्रय, भोजन, दवाइयां, और स्वच्छ पेयजल प्रदान किया जा रहा है। जनहानि पर 4 लाख रुपये और घरों के नुकसान पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मुआवजा दिया जा रहा है।
