आस्था की गंगा ने रौद्र रूप धारण किया
वाराणसी के घाटों से गूंजती आरती और प्रयागराज के संगम की शांति… इन दिनों उस गंगा में समा गई है, जो खुद अपने किनारों को तोड़कर लाखों घरों में मातम बनकर घुस गई है।

1 लाख से ज़्यादा परिवारों को जब सुबह आंख खुलने पर घुटनों तक पानी मिला, तब समझ आया यह सिर्फ बारिश नहीं, एक प्राकृतिक त्रासदी है जो आहिस्ता आहिस्ता पूरे उत्तर भारत को अपनी चपेट में ले रही है।
काशी और प्रयागराज में तबाही: जलस्तर खतरे से ऊपर
रविवार सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 71.4 मीटर दर्ज किया गया यानी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर है। वाराणसी में सभी 84 घाट जलमग्न हो गए प्रयागराज में 10,000 से ज़्यादा घर गंगा यमुना के पानी में डूबे, 12 ज़िले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। 71 जिलों में आज के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी हैजो घाट कभी पूजा और परंपरा का केंद्र थे, अब वहां नावें लहरों से लड़ती दिख रही हैं और लोग घर छोड़कर राहत शिविरों की ओर जा रहे हैं।
बारिश का तांडव: देशभर में अलर्ट
उत्तर प्रदेश:
- 12 जिले बाढ़ में डूबे
- 71 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
- गंगा, यमुना और बेतवा सभी उफान पर
बिहार:
- सभी 38 जिलों में तेज़ आंधी और बारिश
- पटना में 666.20mm बारिश
- सड़कें 2 फीट तक जलमग्न
- ऑरेंज और येलो अलर्ट दोनों जारी
मध्य प्रदेश:
- ग्वालियर, सागर, चंबल सहित 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
- अगले 48 घंटे में 4.5 इंच तक पानी गिरने की संभावना
राजस्थान:
- 9 जिलों में येलो अलर्ट
- बीकानेर और हनुमानगढ़ में मकान ढहने की घटनाएं
- लूणी नदी में स्कॉर्पियो बह गई
कहीं पूजा, कहीं पलायन
प्रयागराज में जब दरोगा के घर के बाहर पानी भर गया, तो उन्होंने गंगा की पूजा की। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई लेकिन उस पूजा में श्रद्धा कम और संघर्ष की करुणा ज़्यादा दिखी।

लोगों ने बचपन की गलियों, यादों और सामानों को छोड़ ऊंचे स्थलों की तरफ रुख किया। बच्चों को कंधे पर उठाकर ले जाते बुजुर्ग, नाव से राशन पहुंचाते युवक, और मंदिरों के शरण बने राहत स्थल सबने दिखाया कि संवेदनाएं आज भी ज़िंदा हैं।
चेतावनी और चुनौतियां
भारत मौसम विभाग ने रविवार को कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है असम और मेघालय में रेड अलर्ट, बिहार, उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा में येलो अलर्ट है उत्तराखंड के चमोली में डैम साइट पर पहाड़ गिरा और 11 मज़दूर घायल हो गए। हिमाचल की एक JCB खाई में गिर गई, ड्राइवर की जान गई।

पानी सिर्फ बहता नहीं, बहा भी ले जाता है
हर साल की तरह मानसून आया, लेकिन इस बार वह सिर्फ मेघों की सौगात लेकर नहीं, बल्कि सैकड़ों ज़िंदगियों की परीक्षा बनकर आया है। काशी और प्रयागराज जैसी धार्मिक नगरी में जब गंगा रौद्र हो जाए, तो यह सिर्फ पर्यावरणीय संकट नहीं, एक मानव संकट भी है।
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