uttar pradesh ats latest update: दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसके असर यूपी में साफ दिखने लगे हैं। यहां की सुरक्षा एजेंसियां अचानक ज्यादा चौकन्नी दिख रही हैं। इसी माहौल के बीच यूपी एटीएस ने आठ जिलों से मदरसों का ब्योरा तलब किया है। यह कदम तेजी से चर्चा में आ गया, क्योंकि इससे पहले इस तरह का समन्वित डेटा बहुत कम ही मांगा गया था।
uttar pradesh ats latest update: जिला अधिकारियों के पास पहुंचा पत्र
बांदा के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक चौधरी ने पुष्टि की कि उन्हें 15 नवंबर की तारीख वाला पत्र मिला है। उनके मुताबिक, फिलहाल निदेशालय की ओर से कोई विस्तृत दिशा-निर्देश नहीं भेजे गए, मगर एटीएस ने जो जानकारी मांगी है, उसकी शुरुआती सूची तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अभी जिला स्तर पर वही भेजा जा सकेगा जो रिकॉर्ड में उपलब्ध है—कितने मान्यता प्राप्त मदरसे चल रहे हैं, कितने अनुदानित हैं और उनमें कितने शिक्षक नियुक्त हैं। बाकी विवरण, जैसे पूरा स्टाफ डेटा, छात्रों और प्रबंधकों की व्यक्तिगत जानकारी, निदेशालय से निर्देश आने पर ही भेजा जाएगा।
किन जिलों पर नजर?
पत्र प्रयागराज यूनिट की ओर से भेजा गया है, और यह आठ जिलों को कवर करता है:
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बांदा
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हमीरपुर
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महोबा
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चित्रकूट
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प्रयागराज
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प्रतापगढ़
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कौशांबी
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फतेहपुर
एटीएस ने साफ कहा है कि बच्चों, मौलवियों और प्रबंधकों का नाम, पता, गार्डियन का नाम और मोबाइल नंबर तक की जानकारी चाहिए।
दिल्ली ब्लास्ट का असर?
अब तक एजेंसियों ने यह नहीं बताया कि इस डेटा के पीछे कोई खास सुराग है या यह सिर्फ एक एहतियाती प्रक्रिया है।
लेकिन इतना जरूर है कि दिल्ली मामले के बाद यूपी सरकार किसी भी जोखिम को खुला नहीं छोड़ना चाहती। अक्सर ऐसी स्थिति में एजेंसियां बैकग्राउंड डेटा इकट्ठा करती हैं ताकि संकट के वक्त जांच में समय न लगे।
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