usa tariff : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 26% टैरिफ लागू किया
usa tariff : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज से भारत समेत लगभग 180 देशों पर पारस्परिक शुल्क लागू कर दिए हैं। इस टैरिफ का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इन देशों के बीच व्यापार असंतुलन को सही करना है। भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत शुल्क से भारत के निर्यात उद्योग को बड़ी चुनौती मिल सकती है, खासकर फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में।
ट्रम्प का 26% टैरिफ: भारत पर सीधे असर
राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह स्पष्ट किया कि भारत अमेरिका पर 52% तक शुल्क लगाता है, जिससे अमेरिकी उत्पादों की कीमतें बढ़ जाती हैं। इस असंतुलन को ठीक करने के लिए, ट्रम्प ने भारत पर 26% शुल्क लागू करने का निर्णय लिया। यह टैरिफ भारत के हर उत्पाद पर लागू होगा, जो अमेरिका को निर्यात किया जाएगा। यह कदम भारत के व्यापार क्षेत्र को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है, क्योंकि भारतीय उत्पादों की लागत में बढ़ोतरी होगी।
फार्मा सेक्टर पर गहरा असर
ट्रम्प ने विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स पर जोर दिया और कहा कि अमेरिका जल्द ही दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने जा रहा है। उनका कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य विदेशी दवा कंपनियों को अमेरिका में वापस लाना और अमेरिकी दवा उद्योग को बढ़ावा देना है।
अमेरिका में दवाओं की कीमतें काफी अधिक हैं, जबकि अन्य देशों में ये दवाएं सस्ते दामों पर उपलब्ध होती हैं। ट्रम्प का मानना है कि इन दवा कंपनियों पर टैरिफ लगाने से वे अमेरिका लौट आएंगी और इससे अमेरिकी नागरिकों को लाभ होगा।
ट्रम्प का मानना है कि यह कदम अमेरिका के हित में है
ट्रम्प ने कहा कि उनका काम अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा करना और उनके आर्थिक हितों की रक्षा करना है। उनका कहना है कि अन्य देशों द्वारा दवाइयों की कीमतें कम रखने का दबाव अमेरिकी उद्योग को नुकसान पहुंचा रहा है। एक बार जब इन कंपनियों पर टैरिफ लगाया जाएगा, तो वे अमेरिका में अपने कारखाने स्थापित करेंगे, जिससे अमेरिका को नई नौकरियों और आर्थिक समृद्धि मिलेगी।
भारत पर प्रभाव और व्यापार संतुलन
भारत, जो फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है, इस टैरिफ के लागू होने से गंभीर आर्थिक नुकसान उठा सकता है। भारतीय कंपनियों को अपनी उत्पाद लागत को बढ़ाने की चुनौती होगी, जिससे उन्हें अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा, भारत को अन्य क्षेत्रों में भी अपनी रणनीति को फिर से सोचना होगा, ताकि व्यापार संतुलन को बनाए रखा जा सके।
क्या अमेरिका और भारत के बीच व्यापार रिश्ते प्रभावित होंगे?
यह टैरिफ दोनों देशों के व्यापार रिश्तों में तनाव पैदा कर सकता है। अमेरिका पहले ही भारत से सस्ते आयात को लेकर चिंतित था, और अब यह टैरिफ उसे और बढ़ा सकता है। हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच अन्य क्षेत्रों में सहयोग जारी रह सकता है, जैसे रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, लेकिन व्यापारिक रिश्तों पर इसका असर निश्चित रूप से पड़ने वाला है।
ट्रम्प का लक्ष्य
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल अमेरिका को सशक्त बनाना है, और इसके लिए वह किसी भी आवश्यक कदम को उठाने से नहीं हिचकेंगे। टैरिफ का यह कदम इसके उदाहरण के रूप में सामने आ रहा है, जिसमें ट्रम्प विदेशी कंपनियों पर दबाव डालकर उन्हें अमेरिका में निवेश करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले के बाद, भारत की अर्थव्यवस्था को बड़े बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। यह टैरिफ भारत के निर्यातकों के लिए एक चुनौती हो सकता है, लेकिन वहीं, यह अमेरिका के लिए नए अवसर भी ला सकता है। अब देखना यह होगा कि भारत इस चुनौती से कैसे निपटता है और क्या इसके जवाब में भारत भी अमेरिका पर किसी प्रकार के प्रतिशोधी कदम उठाता है।
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