22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने लिया फैसला
अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आधिकारिक रूप से विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया है।

22 अप्रैल को हुआ था पहलगाम हमला
आतंकियों ने 26 नागरिकों को मार डाला था, TRF ने हमले की जिम्मेदारी ली, फिर मुकर गया, यह पुलवामा (2019) के बाद सबसे भयानक हमला माना गया
TRF पर अमेरिकी कार्रवाई के मायने
FTO (Foreign Terrorist Organization) में शामिल होने से संगठन अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित. संगठन को फंडिंग या सहयोग करने वाले पर कानूनी कार्रवाई संगठन से जुड़े व्यक्तियों के वीजा और यात्रा प्रतिबंध
SDGT (Specially Designated Global Terrorist) में शामिल होने से अमेरिका में मौजूद संपत्ति जब्त होगी.

संगठन के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क पर रोक लगेगी, लेनदेन, डोनेशन और फंडिंग पर प्रतिबंध रहेगा.
बयान और प्रतिक्रियाएं
🔹 मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री):
“TRF लश्कर का मुखौटा है। पहलगाम हमला भारत पर बड़ा आतंकवादी हमला था। यह फैसला अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ प्रतिबद्धता दर्शाता है।”
🔹 डॉ. एस. जयशंकर (विदेश मंत्री, भारत):
“आतंकवाद के खिलाफ भारत-अमेरिका सहयोग की मजबूत पुष्टि। TRF को आतंकी संगठन घोषित करना उचित और आवश्यक कदम है।”
पहलगाम हमले के बाद TRF ने जिम्मेदारी ली और फिर पलटा
- 22 अप्रैल 2025: TRF ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली
- 26 अप्रैल: TRF ने कहा— “हम जिम्मेदार नहीं, वेबसाइट हैक हो गई थी”
- हालांकि खुफिया रिपोर्ट्स में हमले की साजिश में TRF के शामिल होने की पुष्टि
भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा
अमेरिका की यह कार्रवाई सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत के साथ बढ़ते रणनीतिक सहयोग और प्रतिक्रिया देने की तत्परता को भी दर्शाता है।

