पहली बार सबसे घातक बी-2 स्पिरिट बॉम्बर विमान का उपयोग किया
अमेरिकी वायु सेना ने बुधवार रात यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बमबारी की। अल जजीरा ने अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के हवाले से कहा कि बी-2 स्पिरिट बॉम्बर ने यमन की राजधानी सना के पास पांच ठिकानों पर सटीक हमला किया।
ऑस्टिन ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने घातक हथियारों को भूमिगत छिपा दिया था। उन्होंने इसका इस्तेमाल अन्य देशों पर हमला करने और लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया।
अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा कि ये हमले राष्ट्रपति बाइडेन के निर्देश पर किए गए थे। उन्होंने कहा, ‘हमारा जवाब स्पष्ट करता है कि दुश्मन अपने हथियारों को कितनी भी गहराई में छुपा ले, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे और नष्ट कर देंगे। हूती विद्रोहियों ने भी हमले की पुष्टि की है।
यह पहली बार है जब अमेरिका ने यमन में बी-2 स्पिरिट बॉम्बर का इस्तेमाल किया है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने यमन में फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया था। अभी एक महीने पहले अमरिका ने हिंद महासागर में गुप्त लष्करी अड्डे डिएगो गार्सिया पर बी-२ स्टील्थ बमवर्षक तैनात किए थे।
अमेरिका के पास 19 बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर को अमेरिका का सबसे घातक हथियार माना जा रहा है। शीत युद्ध के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस खतरनाक हथियारों की दौड़ में लगे हुए थे। इसके बाद इसे अमेरिका में तैयार किया गया था। B-2 स्टील्थ बॉम्बर को 1987 और 2000 के बीच बनाया गया था।
अमेरिका ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर की 132 यूनिट बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सिर्फ 21 का ही उत्पादन हो सका। 2008 और 2022 में दो बी-2 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। अमेरिका के पास अब केवल 19 बी-2 स्टील्थ बमवर्षक बचे हैं। अमेरिका ने आज तक किसी भी देश को यह विमान नहीं बेचा है।
हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला क्यों किया?
इजरायल 7 अक्टूबर से गाजा पर हमला कर रहा है। जवाब में, हूती विद्रोही समुद्र में इजरायल के सहयोगियों के जहाजों को निशाना बना रहे हैं। सीएनएन के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने अब तक समुद्र में 100 से ज्यादा जहाजों पर हमला किया है।
