US vs Venezuela War Threat: USS Ford तैनात, 5000 मिसाइलें तैयार
us venezuela war threat news: दुनिया एक बार फिर युद्ध की दहलीज पर खड़ी दिख रही है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कैरिबियन सागर में अपने सबसे बड़े नौसैनिक बेड़े USS जेराल्ड आर फोर्ड स्ट्राइक ग्रुप को तैनात कर दिया है। जवाब में वेनेजुएला ने भी रूस से मिली 5000 इग्ला-एस मिसाइलें डिप्लॉय कर दी हैं। सवाल उठ रहा है क्या यह सिर्फ ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई है या अमेरिका किसी नए युद्ध की तैयारी में है?

अमेरिका ने क्यों भेजा सबसे बड़ा जहाजी बेड़ा?
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन वेनेजुएला में ड्रग माफिया और तस्करी रूट्स पर एयर स्ट्राइक करने की तैयारी में है। व्हाइट हाउस के सूत्रों का दावा है कि यह सिर्फ “एंटी-ड्रग ऑपरेशन” नहीं, बल्कि एक “संभावित सैन्य हस्तक्षेप” हो सकता है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने USS Gerald R Ford Carrier Strike Group को यूरोप से कैरिबियन रीजन में पहुंचने का आदेश दिया है। इस बेड़े में
- 70 लड़ाकू विमान
- गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर
- क्रूजर
- अटैक सबमरीन
- सपोर्ट शिप शामिल हैं
यह वही स्ट्राइक ग्रुप है जिसे अमेरिका दुनिया को यह संदेश देने के लिए इस्तेमाल करता है—जरूरत पड़ने पर वह कहीं भी, कभी भी युद्ध शुरू कर सकता है। साथ ही, ट्रम्प ने CIA को वेनेजुएला में सीक्रेट ऑपरेशंस की अनुमति भी दे दी है। इसका मतलब है कि जमीन पर भी ऑपरेशन शुरू किया जा सकता है।
वेनेजुएला ने भी दिखाया तेवर: रूस की मदद से तैयार
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने टीवी पर खुलासा किया कि उनके देश ने संभावित अमेरिकी हमले से निपटने के लिए 5000 रूसी Igla-S मिसाइलें तैनात कर दी हैं। मदुरो ने चेतावनी दी हमारी धरती के एक-एक इंच की रक्षा की जाएगी। हम किसी भी साम्राज्यवादी हमले का जवाब देंगे। ये मिसाइलें हवा में कम दूरी के हमलों को रोकने के लिए बनाई गई हैं। मतलब अगर अमेरिका एयरस्ट्राइक शुरू करता है, तो वेनेजुएला जवाब देने की स्थिति में है।
अमेरिका का ‘ड्रग्स अभियान’ या राजनीतिक एजेंडा?
अमेरिका दावा करता है कि उसका अभियान ड्रग तस्करी को रोकने के लिए है। अमेरिकी नेवी ने पिछले एक महीने में कैरिबियन क्षेत्र में 10 हमले किए। इनमें 43 तस्कर मारे गए। लेकिन क्या यह वास्तविक कारण है?
वास्तव में अमेरिका लंबे समय से मदुरो सरकार के खिलाफ है। ट्रम्प प्रशासन उसे “तानाशाह” कहता है और उसकी सरकार को गिराने के लिए आर्थिक प्रतिबंध भी लगा चुका है। अमेरिका खुले तौर पर विपक्षी नेता जुआन गुइडो को समर्थन देता है। ऐसे में यह ऑपरेशन “ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई” से ज्यादा राजनीतिक हस्तक्षेप लगता है।
USS Gerald R Ford समुद्र का राक्षस
यह जहाज कोई आम युद्धपोत नहीं है। यह दुनिया का सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है।
- लंबाई: 333 मीटर
- वजन: 100,000 टन
- क्रू: 4,500 सैनिक
- न्यूक्लियर रिएक्टर से चलता है
यह जहाज महीनों तक समुद्र में रह सकता है और एक छोटे देश की वायुसेना जितनी ताकत अकेले रखता है।
क्या युद्ध की शुरुआत समुद्र से होगी?
कैरिबियन समुद्र में अमेरिकी बेड़े की मौजूदगी और वेनेजुएला की मिसाइल तैनाती सीधे टकराव की ओर इशारा करती है। यह लड़ाई सिर्फ अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगी क्योंकि रूस वेनेजुएला के साथ खड़ा है चीन भी आर्थिक रूप से वेनेजुएला को सपोर्ट करता है ईरान पहले ही अमेरिकी प्रभुत्व का विरोध करता है अगर मिसाइल चली, तो यह नया भू-राजनीतिक संकट खड़ा कर सकता है।
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