क्या ड्रग तस्करी की आड़ में युद्ध की तैयारी है?

अमेरिका-वेनेजुएला के बीच तनाव गहराया
16 सितंबर 2025 — ये तारीख इतिहास में दर्ज हो सकती है। उस दिन अमेरिका ने एक बार फिर वेनेजुएला की एक नाव पर हमला कर दिया। तीन लोगों की मौत हुई, और इस बार आदेश सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का था।
लेकिन सवाल ये है — क्या यह सिर्फ ड्रग तस्करी रोकने की कोशिश है या कुछ और बड़ा पक रहा है?
BREAKING: U.S. military strikes another boat near Venezuela, killing 3 alleged drug traffickers pic.twitter.com/r5Cfrx7Rq3
— BNO News (@BNONews) September 15, 2025
समंदर पर मौत की दस्तक
सुबह-सुबह अमेरिकी नौसेना ने एक वेनेजुएलन बोट को इंटरसेप्ट किया। ट्रंप का दावा है कि वह नाव नशीले पदार्थ अमेरिका की तरफ़ ला रही थी, और उसमें मौजूद लोग नार्को टेररिस्ट यानी ड्रग-आतंकवादी थे।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना ने एक नार्को टेररिस्ट नेटवर्क पर हमला किया जो अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका था।
हमले में 3 लोगों की मौत हुई, लेकिन अमेरिकी सेना पूरी तरह सुरक्षित रही। सोशल मीडिया पर वीडियो भी सामने आया है जिसमें गोलीबारी और नाव के जलने के दृश्य देखे जा सकते हैं।
एक कड़ी जो जुड़ती जा रही है: 2 हफ्ते पहले भी हुआ था हमला
यही कहानी दो हफ्ते पहले भी दोहराई गई थी। तब अमेरिका ने वेनेजुएला के ट्रेन डी अरागुआ गैंग से जुड़े 11 लोगों को मार गिराने का दावा किया था। ये वही गिरोह है जिसे अमेरिका ने फरवरी 2025 में आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था — एक ऐसा कदम जो अक्सर अल-कायदा या ISIS जैसे संगठनों के लिए उठाया जाता है।
इससे पहले अल सल्वाडोर के MS-13 और मेक्सिको के छह ड्रग कार्टेल्स को भी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था।
क्या ड्रग तस्करी पर हमला कानूनन सही है?
यही वो जगह है जहां मामला पेचीदा हो जाता है।
अमेरिकी कानून के जानकार कहते हैं कि आतंकवादी घोषित करने से सरकार को उनकी संपत्तियां जब्त करने, वीजा रद्द करने और आर्थिक पाबंदी लगाने का अधिकार मिलता है, लेकिन सीधा हमला करने की इजाजत नहीं।
2001 में अफगानिस्तान पर हमला करते समय जो कानून पास हुआ था, वह सिर्फ अल-कायदा और तालिबान जैसे संगठनों पर लागू था। ड्रग्स से जुड़े गिरोहों पर हमला करना उसके दायरे में नहीं आता।
इसलिए विशेषज्ञ पूछ रहे हैं —
क्या ट्रंप संविधान के बाहर जाकर कार्रवाई कर रहे हैं? या ये भविष्य की एक नई अमेरिकी नीति की शुरुआत है?
ट्रंप की रणनीति: आतंकवाद या चुनावी स्टंट?
यहां एक और पहलू आता है — राजनीति का। ट्रंप 2026 के चुनावों के लिए खुद को एक Strong Leader के तौर पर पेश कर रहे हैं। एक ऐसा नेता जो अमेरिकी सीमाओं को हर कीमत पर सुरक्षित रखेगा, भले इसके लिए हथियार उठाने पड़े।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी यही संकेत दे चुके हैं:
ड्रग कार्टेल अब सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं। हमें हर ज़रूरी कदम उठाना होगा।
लेकिन क्या यह हर ज़रूरी कदम अब सीधे युद्ध में बदल रहा है?
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंता
अभी तक संयुक्त राष्ट्र या अमेरिका की सहयोगी सरकारों की तरफ से कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन मानवाधिकार संगठनों में हलचल है। वे पूछ रहे हैं क्या ड्रग्स के संदेह मात्र पर लोगों को मारना न्याय है? क्या अमेरिका खतरों की परिभाषा बदल रहा है?
एक विशेषज्ञ ने कहा
पहली बार किसी देश ने बिना युद्ध की घोषणा किए, ड्रग्स तस्करों को टारगेट कर मार गिराया है। यह एक नई वैश्विक नीति का संकेत हो सकता है।
ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ऐसे और हमले होंगे। लेकिन अब खतरा सिर्फ उन नावों या बोट्स तक सीमित नहीं है। यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सीधा टकराव भी हो सकता है।
और इसका असर सिर्फ सीमा पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा — कूटनीति से लेकर बाज़ार तक, और आम लोगों की ज़िंदगी तक।
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