मध्य-पूर्व में हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान में धमाकों की आवाजें थम नहीं रही हैं। जंग का आज तीसरा दिन है, और दावे इतने बड़े हैं कि दुनिया भर की निगाहें तेहरान पर टिक गई हैं।
बताया जा रहा है कि पहले 30 घंटों में 2,000 से ज्यादा बम गिराए गए, और करीब 1,000 ठिकानों को निशाना बनाया गया। उधर तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत ने इस टकराव को और उग्र बना दिया है।
1,000 ठिकाने, 700 उड़ानें और 2,000 बम
Israel की सेना का दावा है कि संयुक्त ऑपरेशन में 700 से ज्यादा फाइटर जेट उड़ानें भरी गईं। हमले ईरान के 10 बड़े शहरों में किए गए, जिनमें राजधानी Tehran भी शामिल है।अमेरिका और Iran के बीच तनाव पहले से था, लेकिन इस बार कार्रवाई का पैमाना अलग है। सैन्य ठिकानों, हथियार डिपो और कथित कमांड सेंटर को टारगेट किया गया।ज़मीनी सूत्रों के मुताबिक कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है, लोग घरों में बंद हैं, और बाजार पूरी तरह सूने पड़े हैं।
नेतन्याहू का बयान: हमले और तेज होंगे
इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में तेहरान पर दबाव और बढ़ेगा। उनका कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमताओं को तोड़ने के लिए है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात फिलहाल शांत होने के संकेत नहीं दे रहे।
तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत, ट्रम्प का कड़ा रुख
रविवार को ईरान समर्थित हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच घायल हुए। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सख्त बयान दिया।ट्रम्प ने कहा कि जब तक इन मौतों का बदला नहीं लिया जाएगा, कार्रवाई जारी रहेगी। उनका बयान आते ही वॉशिंगटन में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई।अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि जवाबी कार्रवाई “सटीक और निर्णायक” होगी, लेकिन समय और स्थान सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
ईरान में सत्ता संकट, 200 से ज्यादा मौतें
शनिवार को संघर्ष के पहले दिन ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। आधिकारिक पुष्टि सीमित है, लेकिन ईरान में 48 शीर्ष नेताओं के मारे जाने का दावा किया जा रहा है।
फिलहाल सत्ता संभालने के लिए एक अस्थायी समिति बनाई गई है जिसमें राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी एजेही और धर्मगुरु अलीरजा अराफी शामिल बताए जा रहे हैं।
ईरान में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से ज्यादा के घायल होने की खबर है। एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्राओं की जान जाने की सूचना ने हालात को और दर्दनाक बना दिया है। तेहरान और आसपास के इलाकों में एंबुलेंस की आवाजें लगातार सुनाई दे रही हैं, अस्पतालों में भीड़ है, और परिवार अपने लापता लोगों को तलाश रहे हैं।
