मिडिल ईस्ट की जंग अब समंदर तक फैल चुकी है। दुबई में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाए जाने के दावे के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है — भारत से लौट रहा ईरान का एक युद्धपोत श्रीलंका के पास डुबो दिया गया। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के पांचवें दिन हालात और ज्यादा गंभीर दिख रहे हैं। ज़मीन, आसमान और अब समुद्र… हर मोर्चे पर टकराव तेज है।
भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर हमला
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को हिंद महासागर में निशाना बनाया। यह हमला श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास किया गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth के मुताबिक, एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से हमला कर जहाज को डुबो दिया।

श्रीलंकाई सरकार ने पुष्टि की है कि इस हमले में अब तक 80 ईरानी नौसैनिकों की मौत हुई है। 32 घायल सैनिकों को समुद्र से रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाज पर कुल लगभग 180 नौसैनिक सवार थे, बाकी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत पिछले महीने Visakhapatnam में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। श्रीलंका के अधिकारियों ने Al Jazeera को बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे (भारतीय समय के मुताबिक) मदद का मैसेज मिला। जहाज Galle से करीब 40 समुद्री मील दूर था।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
श्रीलंकाई नेवी ने 32 घायल नौसैनिकों को गाले के अस्पताल में भर्ती कराया है। समुद्र में अब भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है। लहरें तेज हैं, और मलबे के बीच तलाश आसान नहीं है, एक अधिकारी ने कहा।
दुबई में अमेरिकी दूतावास पर हमला?
इससे पहले ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया था कि दुबई में मौजूद अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया। ईरान ने यह भी कहा कि उसके जवाबी हमलों में 650 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं। अमेरिका ने इन आंकड़ों को खारिज कर दिया है।
तेहरान और बेरूत में बमबारी
इजराइल ने ईरान की राजधानी Tehran में मिसाइल लॉन्च साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले किए हैं। वहीं लेबनान की राजधानी Beirut में भी हवाई हमलों की खबर है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक कई इलाकों में रातभर धमाके सुनाई दिए। लोग घरों में दुबके रहे, सायरन बजते रहे।
होर्मुज स्ट्रेट बंद, तेल बाजार में हलचल
IRGC ने दावा किया है कि उसने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है। तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समुद्री रास्ते लंबे समय तक बंद रहे, तो असर एशिया से लेकर यूरोप तक दिखेगा।
खामेनेई के बाद नया नेतृत्व
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की खबर है। हालांकि आधिकारिक बयान अब तक सीमित है।

जंग का दायरा बढ़ता जा रहा
दुबई से लेकर श्रीलंका तक, तेहरान से बेरूत तक यह संघर्ष अब सिर्फ सीमित हवाई हमलों तक नहीं रहा। समुद्र में डूबता युद्धपोत, अस्पतालों में भर्ती घायल सैनिक, और तेल बाजार में उथल-पुथल… तस्वीर साफ है कि यह टकराव लंबा खिंच सकता है।
