अमेरिका ने ड्रग तस्करी नाव पर हवाई हमला किया: ट्रम्प के आदेश पर 75 दिनों में 21वां स्ट्राइक
us airstrike trump order: अमेरिका ने शनिवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी करने वाली नाव पर हवाई हमला किया। इस हमले में तीन लोग मारे गए। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह सितंबर से अब तक ड्रग नावों पर किया गया 21वां हमला है। इन हमलों में अब तक 83 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
ट्रम्प के आदेश पर हमले
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार ये ऑपरेशन तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर किए जा रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि इन हवाई स्ट्राइक से अमेरिका में ड्रग सप्लाई को रोकने में मदद मिल रही है। अमेरिकी न्याय विभाग ने इन हमलों को कानूनी मान्यता दी और कहा कि इसमें शामिल सैनिकों पर मुकदमा नहीं चलेगा।
us airstrike trump order: हमले का वीडियो
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने हमले का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी किया। वीडियो में विस्फोट और नाव में लगी आग साफ दिख रही है। अमेरिकी अधिकारियों ने मृतकों की राष्ट्रीयता या पहचान साझा नहीं की है।
On Nov. 15, at the direction of Secretary of War Pete Hegseth, Joint Task Force Southern Spear conducted a lethal kinetic strike on a vessel operated by a Designated Terrorist Organization. Intelligence confirmed that the vessel was involved in illicit narcotics smuggling,… pic.twitter.com/iM1PhIsroj
— U.S. Southern Command (@Southcom) November 16, 2025
कार्टेल डे लोस सोल्स और वेनेजुएला
अमेरिका ने वेनेजुएला की ड्रग संगठन ‘कार्टेल डे लोस सोल्स’ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है। अमेरिकी अधिकारी बताते हैं कि यह समूह ‘ट्रेन डे अरागुआ’ के साथ मिलकर अमेरिका में नशीले पदार्थ भेजता है। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि इस कार्टेल का नेतृत्व वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो कर रहे हैं, जबकि मादुरो ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है।
वैधता और अंतरराष्ट्रीय सवाल
अमेरिकी कांग्रेस, मानवाधिकार संगठनों और सहयोगी देशों ने इन हमलों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि युद्ध क्षेत्र से बाहर किए जाने वाले हमलों का कानूनी आधार अस्पष्ट है। अमेरिका के इन हवाई हमलों का उद्देश्य ड्रग तस्करी को रोकना और देश में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को समाप्त करना है। 75 दिनों में लगातार 21 हमले, यह दिखाते हैं कि अमेरिकी प्रशासन इस अभियान में कितनी गंभीरता से लगा हुआ है।
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Shital Sharma
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