
नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ( यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से 24 अगस्त को अपने सर्कुलर
जारी किया है जिसमे पेमेंट की लिमिट बढ़ाकर रु 5.00 लाख कर दी गई है | इसके पहले रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी
पॉलिसी कमेटी ने 8 दिसंबर 2023 को हॉस्पिटलस और शैक्षानिक संस्थानों में UPI से पेमेंट की लिमिट रु 1.00
लाख से बढ़ाकर रु 5.00 लाख कर दी थी |
ट्रांसक्शन की संख्या में बढ़ोतरी
इसके पहले शेयर बाजाऱ में IPO subscription और डायरेक्ट रिटेल स्कीम में भी पेमेंट लिमिट बढ़ाकर रु 5.00 लाख
कर दी गई थी | भारत में UPI से भुगतान का चलन दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है अगस्त 2023 में UPI ट्रांसक्शन
रु 1059 करोड़ था जो अगस्त 2024 में बढकर रु 1496 करोड़ हो गया है | पिछले साल अगस्त के मुक़ाबले
ट्रांसक्शन की संख्या में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है | और राशि ट्रांसफर में तक़रीबन 30% की
बढ़ोतरी दर्ज की गई है | अगस्त 2024 में अगर रोजाना के एवरेज ट्रांसक्शन की बात की जाये तो यह राशि रु 48.00
करोड़ के आसपास है और रु 66475 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई है |
भारत में UPI सर्विस नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऑपरेट करती है | सरकार ने UPI ट्रांसक्शन को
बढ़ावा देने के लिए जनवरी 2020 से UPI ट्रांसक्शन में जीरो चार्जेज लागू किया है | UPI एक यूनिफाइड पेमेंट
इंटरफेस सिस्टम के माध्यम से काम करता है जिसमे आपका एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार होता है जिसे आपके बैंक
अकाउंट से लिंक करना होता है | बैंक अकाउंट लिंक होने के बाद बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड, बैंक का नाम आदि
याद रखने की ज़रूरत नहीं होती है मोबाइल नंबर से ही सारे ट्रांसक्शन किये जा सकते हैँ और सभी बैंक अकाउंट इस
एक सिंगल ID से लिंक किये जा सकते हैँ |