उपासना सिंह का यह खुलासा फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच की गंभीर समस्या को उजागर करता है। उनका अनुभव बताता है कि कैसे कई बार एक्ट्रेसेज़ को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उपासना सिंह का साहस इस मामले को सार्वजनिक रूप से साझा करने के लिए काबिल-ए-तारीफ है, क्योंकि इससे नई और उभरती हुई कलाकारों को सतर्क रहने की प्रेरणा मिलती है।
उपासना सिंह ने न केवल टीवी पर बल्कि बड़े पर्दे पर भी अपनी छाप छोड़ी है। ‘कपिल शर्मा शो’ में ‘बुआ’ के किरदार से उन्हें घर-घर में पहचान मिली, लेकिन उनकी फिल्मी यात्रा इससे कहीं आगे तक फैली हुई है। ‘जुड़वा’, ‘जुदाई’, और ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ जैसी फिल्मों में उनके काम को सराहा गया है।
उनका यह इंटरव्यू सिनेमा जगत के उस स्याह पक्ष की ओर इशारा करता है, जहां पावर डायनामिक्स का गलत इस्तेमाल किया जाता है। उपासना सिंह ने जिस तरह से अपने अनुभव साझा किए हैं, उससे यह साफ है कि उन्होंने अपने आत्म-सम्मान और मूल्यों से समझौता करने के बजाय खुद को सशक्त बनाया।
इस तरह की घटनाएं न केवल एक्ट्रेसेज़ को प्रभावित करती हैं, बल्कि यह पूरी इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी है कि कार्य संस्कृति में बदलाव लाने की जरूरत है। उम्मीद है कि उपासना की कहानी से लोग प्रेरित होंगे और इंडस्ट्री में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे बढ़ेंगे।
