UP NIEWS: उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में स्थित कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत बिछिया क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों नागरिकों ने अतिक्रमण के आरोप में मिले नोटिसों के खिलाफ आज आवाज उठाई। ग्रामीण बड़ी संख्या में प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) बी शिव शंकर के कार्यालय पहुंचे और नोटिसों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

UP NIEWS: 186 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से बिछिया कस्बे में निवास कर रहे हैं, लेकिन अब जंगल विभाग उन्हें अतिक्रमणकारी करार दे रहा है। यह क्षेत्र दुधवा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है, और विभाग का दावा है कि यह भूमि वन क्षेत्र में आती है, जिस पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। विभाग द्वारा अब तक 186 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं।
UP NIEWS: तिक्रमणकारी न माना जाए
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और अब अचानक उन्हें बेदखल करने की प्रक्रिया उनके लिए संकट बन गई है। ग्रामीणों ने डीएफओ से मांग की कि उन्हें जब तक वैकल्पिक व्यवस्था न दी जाए, तब तक उनके घरों को न तोड़ा जाए और उन्हें अतिक्रमणकारी न माना जाए।
UP NIEWS: कोई वैध स्वामित्व दस्तावेज नहीं
वहीं, प्रभागीय वन अधिकारी बी शिव शंकर ने स्पष्ट किया कि विभाग केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिनके पास जमीन का कोई वैध स्वामित्व दस्तावेज नहीं है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है और कानून के अनुसार अतिक्रमण हटाया जाएगा।
हस्तक्षेप कर मानवीय आधार पर समाधान निकाले
इस पूरे प्रकरण ने वन विभाग और स्थानीय नागरिकों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। जहां एक ओर विभाग वन भूमि की रक्षा की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्षों से बसे लोगों को अपने घर छिन जाने का डर सता रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि शासन इस मामले में हस्तक्षेप कर मानवीय आधार पर समाधान निकाले।
विवाद का प्रशासनिक समाधान
अब देखना होगा कि इस विवाद का प्रशासनिक समाधान किस दिशा में जाता है और क्या इन लोगों को न्याय और स्थायी आवास मिल पाता है या नहीं।
