
आम महोत्सव का भव्य शुभारंभ
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “आम महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह तकनीकी विकास और बागवानों के सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।” डबल इंजन सरकार ने सहारनपुर, अमरोहा, लखनऊ, और वाराणसी में चार पैक हाउस स्थापित किए हैं, जो निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन सुविधाओं ने उत्तर प्रदेश के आमों को वैश्विक बाजारों में पहचान दिलाई है।
आम की 800 प्रजातियों का प्रदर्शन
इस महोत्सव में दशहरी, लंगड़ा, चौंसा, आम्रपाली, और रटौल सहित 800 से अधिक आम की प्रजातियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी न केवल आम प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि बागवानों और निर्यातकों के लिए भी एक मंच प्रदान करती है। महोत्सव में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, आम खाने की प्रतियोगिता, और सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे भोजपुरी गायक पवन सिंह की प्रस्तुति भी शामिल है। इसके अलावा, किसानों को फसल प्रबंधन, विपणन, और कीट नियंत्रण पर कार्यशालाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

UP Mango Festival 2025: आमों की बढ़ती मांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने 2024-25 में 40.31 मीट्रिक टन आमों का निर्यात किया, और 2025 में अब तक 13.5 मीट्रिक टन निर्यात हो चुका है। लंदन और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लखनऊ के दशहरी आमों की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “भारत में दशहरी आम की कीमत 60-100 रुपये प्रति किलो है, जबकि अमेरिका में यह 900 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।” यह निर्यात न केवल बागवानों की आय बढ़ा रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख बागवानी केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
किसानों के लिए प्रशिक्षण
UP Mango Festival 2025: महोत्सव में प्रगतिशील बागवानों और निर्यातकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानों को उन्नत तकनीकों और वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों और उद्यान विभाग के अधिकारियों के सहयोग से बागवानों को नई तकनीकों और विपणन रणनीतियों की जानकारी दी जा रही है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश के 3.25 लाख हेक्टेयर में होने वाली 27% राष्ट्रीय आम उत्पादन को और बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
