UP KAUSHAMBI: कौशांबी में अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मंत्री ने अपने भाषण में बिना किसी का नाम लिए सिंदूर और राखी जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाते हुए एक टिप्पणी की, जो अब चर्चा का विषय बन गई है।

UP KAUSHAMBI: आज भी कुछ लोग साक्ष्य मांगते
समारोह के मंच से बोलते हुए मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, “आज भी कुछ लोग साक्ष्य मांगते हैं। चुटकी भर सिंदूर का महत्व वही जान सकता है, जिसकी माँ या बहन ने कभी सिंदूर लगाया हो। जिनकी बहन की कलाई में कभी चूड़ी खनकी ही न हो, वो सिंदूर और राखी का महत्व क्या जानेंगे?”
UP KAUSHAMBI: राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया
हालांकि मंत्री ने किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को कई लोग परोक्ष रूप से विपक्षी नेताओं पर निशाना मान रहे हैं। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया आने लगी है, और विपक्षी खेमे से जवाबी बयान की संभावना बढ़ गई है।
UP KAUSHAMBI: भावनात्मक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान एक भावनात्मक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो सकती है। सिंदूर और राखी जैसे प्रतीकों को लेकर बयानबाज़ी अक्सर जनता की भावनाओं को प्रभावित करती है और मंत्री के बयान को भी इसी दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
UP KAUSHAMBI: राजनीतिक बयानबाज़ी का कारण बन सकता
फिलहाल विपक्ष की ओर से इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंत्री का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी तूल पकड़ सकता है और राजनीतिक बयानबाज़ी का कारण बन सकता है।
UP KAUSHAMBI: अब देखना होगा कि मंत्री इस बयान पर सफाई देते हैं या विपक्ष इसे एक मुद्दा बनाकर उन्हें घेरता है।
