UP Juta Maar Holi 2025 : जानिए कहां खेली जाती है ये खास होली
UP Juta Maar Holi 2025 : अब तक आपने लट्ठमार होली, फूलों की होली, और कई अन्य तरह की होलियों के बारे में सुना होगा, लेकिन यूपी में एक होली और खेली जाती है जिसे “जूता मार होली” कहा जाता है। यह होली खासतौर पर शाहजहांपुर में मनाई जाती है, जहां जूतों और चप्पलों की बारिश होती है। सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह परंपरा 300 साल पुरानी है और इसके पीछे एक खास इतिहास छुपा हुआ है।
कहां खेली जाती है जूता मार होली?
यह होली शाहजहांपुर शहर में खेली जाती है, और इसकी वजह अंग्रेजों के प्रति गुस्से का इज़हार है। यहां हर साल एक जुलूस निकाला जाता है, जिसमें एक व्यक्ति को अंग्रेजों के जमाने के लाट साहब के प्रतीक के रूप में चुना जाता है। फिर, लाट साहब की गाड़ी के साथ जुलूस निकलता है, और शहरवाले उन्हें जूतों और चप्पलों से तौहफा देते हैं। यह अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ विरोध का एक तरीका था।
जूता मार होली का इतिहास
इतिहासकार डॉ. विकास खुराना के अनुसार, यह परंपरा 300 साल पुरानी है और मध्यकाल में हिंदू-मुस्लिम मिलकर होली खेलते रहे हैं। शाहजहांपुर में इस परंपरा का प्रमाण ‘तारीखे शाहजहांपुरी’ में मिलता है, जिसमें नवाब अब्दुल्ला खान के समय से होली के जुलूस के बारे में उल्लेख है। 1988 में इस जुलूस का नाम “लाट साहब का जुलूस” रखा गया, जिसके बाद अंग्रेजों के खिलाफ यह विरोध और भी जोर पकड़ गया।
जूता मार होली का जुलूस कैसे निकलता है?
शाहजहांपुर में दो मुख्य स्थानों से लाट साहब का जुलूस निकलता है—एक जुलूस थाना कोतवाली के बड़े चौक से और दूसरा जुलूस थाना आरसी मिशन के सराय काईया से। इस जुलूस में एक व्यक्ति को लाट साहब के प्रतीक के रूप में भैंसागाड़ी में तख्त के ऊपर हेलमेट पहनाकर बैठाया जाता है। जुलूस के दौरान पुलिसकर्मी उसे घेरे रहते हैं। जब यह जुलूस कोतवाली चौक पहुंचता है, तो कोतवाल लाट साहब को सलामी देता है और उन्हें उपहार और नकदी प्रदान करता है।
24 जुलूस होते हैं शाहजहांपुर में
डीएम शाहजहांपुर धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शहर में होली के दौरान लगभग 24 जुलूस निकलते हैं, जिनमें लाट साहब के बड़े और छोटे जुलूस भी शामिल होते हैं। बड़े लाट साहब का जुलूस लगभग 7.5 किलोमीटर की दूरी तय करता है, जबकि छोटे लाट साहब का जुलूस 2.5 किलोमीटर तक होता है। इन जुलूसों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को विभिन्न इलाकों में तैनात किया जाता है और सीसीटीवी तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाती है।
UP Juta Maar Holi 2025 : जूता मार होली शाहजहांपुर की एक अनोखी परंपरा है, जिसमें रंगों की जगह जूतों और चप्पलों का इस्तेमाल किया जाता है। यह न केवल एक मजेदार उत्सव है, बल्कि इतिहास के पन्नों से जुड़ी एक मजबूत परंपरा का हिस्सा भी है। 2025 में इस होली का जश्न और भी धूमधाम से मनाया जाएगा, और इसकी परंपरा को नए रूप में देखा जा सकेगा।
