UP Global Investor Summit: उत्तरप्रदेश में एक बार फिर निवेश का सबसे बड़ा मंच सजेगा। योगी सरकार ने इस साल के आखिरी तिमाही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी को इसकी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। कोशिश यही है कि GIS-2023 में आए निवेश प्रस्तावों के मुकाबले डेढ़ से दोगुना निवेश प्रस्ताव हासिल किया जाए। तब UP को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे।
CM योगी ने इसी हफ्ते इन्वेस्ट यूपी में कामकाज की समीक्षा की थी। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान उन्होंने निवेश नीतियों को और सहज बनाने के साथ ही UP की संभावनाओं के विस्तार के लिए अगली इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए देश-दुनिया के उद्योगों, निवेशकों से संपर्क की संभावनाओं को तलाशने पर काम शुरू किया जाएगा।
1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य पर नजर
योगी सरकार ने 8 सालों में 2 इन्वेस्टर समिट आयोजित की हैं। पहली समिट में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्ताव मिले, वहीं, दो साल पहले हुई दूसरी समिट में इसके 10 गुना यानी 40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव आए। दोनों ही आयोजन UP के औद्योगिक परिवेश के विस्तार के लिहाज से काफी सफल रहे।
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एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रदेश का लक्ष्य 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनना है। इन्वेस्टमेंट इसमें अहम भूमिका निभाएगा। UP को मेगा लक्ष्य हासिल करने के लिए 100 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की जरूरत है। 2025 के आखिर तक इसका एक-तिहाई निवेश जमीन पर उतारने पर नजर है। इसलिए,
UP Global Investor Summit: जमीन पर उतरेंगे और भी प्रॉजेक्ट
सरकार की नजर केवल निवेश के मेगा इवेंट पर ही नहीं बल्कि उसको जमीन पर उतारने की है। 2018 में हुए इन्वेस्टर्स समिट के 46% से ज्यादा प्रस्ताव 3 ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए हकीकत की शक्ल ले चुके हैं। वहीं, GIS-23 में आए प्रस्तावों के लिए भी 1 ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो चुकी है जिसे GBC-4 नाम दिया गया था। इसमें 10 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरे, जिसमें 3 लाख करोड़ रुपये का कमर्शल प्रॉडक्शन भी शुरू हो चुका है।
