CM Yogi Startup Conclave 2047: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को विकसित भारत 2047 की ओर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग का विस्तार हो रहा है, बल्कि स्टार्टअप और नवाचार को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में लखनऊ में CSIR (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद) का 2 दिवसीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव आयोजित होने जा रहा है।
यह आयोजन 14 और 15 सितंबर 2025 को किया जाएगा, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।

2 दिवसीय CSIR स्टार्टअप कॉन्क्लेव
14 और 15 सितंबर 2025 को लखनऊ इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कॉन्क्लेव केवल एक आयोजन भर नहीं, बल्कि नवोन्मेष और नवोत्थान का संगम है। इस कॉन्क्लेव में देशभर से वैज्ञानिक, किसान, युवा उद्यमी और शोधकर्ता एक साथ आएंगे और विज्ञान को सामाजिक समृद्धि से जोड़ने का कार्य करेंगे।

स्टार्टअप इंडिया संकल्प का विस्तार
CM Yogi Startup Conclave 2047: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान की प्रेरणा से यह आयोजन प्रदेश के युवाओं को नए अवसर प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इसे पीएम के विराट संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।

किसानों और युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें किसान भाई विज्ञान और तकनीक से जुड़ेंगे। कृषि वैज्ञानिक अपने शोध को किसानों के साथ साझा करेंगे, जिससे खेती को और अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाया जा सके।
युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप मंच
- युवा उद्यमियों को अपने विचारों और इनोवेशन को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
- प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- लखनऊ इस कॉन्क्लेव के माध्यम से देश के स्टार्टअप हब्स की सूची में अपनी पहचान दर्ज कराएगा।
CM Yogi Startup Conclave 2047: किसानों से विज्ञान तक
किसान भाई जब विज्ञान और तकनीक से जुड़ेंगे, तो कृषि में नई क्रांति आ सकती है। यही नहीं, वैज्ञानिक शोध केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
उद्यमिता को मिलेगी नई दिशा
युवा जब स्टार्टअप्स की दुनिया में कदम रखेंगे, तो प्रदेश और देश दोनों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यही विकसित भारत 2047 का मार्ग प्रशस्त करेगा।
