
लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे
मिटिंग में लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 49.96 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का उद्देश्य लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाना और यात्रा समय को कम करना है। यह एक्सप्रेसवे बाराबंकी और लखनऊ जैसे जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत और पूर्ण होने की समय-सीमा अभी अंतिम रूप से तय की जा रही है, लेकिन इसका निर्माण 2025 में शुरू होने की उम्मीद है।

अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव और फैसले
कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन शामिल है, जिसका उद्देश्य शहरी विकास को और व्यवस्थित करना है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 के आयोजन को भी मंजूरी दी गई, जो 4 से 6 जुलाई तक लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में होगा। इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, और यह प्रदेश के आम उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महोत्सव में 800 से अधिक किस्मों के आमों का प्रदर्शन होगा, और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन के साथ-साथ तकनीकी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
UP Cabinet Meeting: आर्थिक विकास पर जोर
कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले उत्तर प्रदेश को एक समृद्ध और सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में योगी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, आम महोत्सव जैसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को वैश्विक मंच प्रदान करने में सहायक होंगे। अन्य प्रस्तावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और औद्योगिक विकास से संबंधित योजनाएं भी शामिल थीं, जो राज्य के युवाओं, महिलाओं, और किसानों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
