UP Cabinet Expansion: उत्तरप्रदेश में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में जल्द ही बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। पिछले लगभग 6 महीनों से समय-समय पर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें सामने आती रही हैं, लेकिन अब सूत्रों का कहना है कि इंतजार की घड़ियां खत्म हो सकती हैं और सरकार बदलाव के साथ अपने मंत्रिमंडल का पुनर्गठन कर सकती है।

नए चेहरों की एंट्री
सूत्रों के मुताबिक यह विस्तार केवल औपचारिक बदलाव नहीं होगा, बल्कि इसमें कई पुराने मंत्रियों की विदाई और नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। माना जा रहा है कि योगी सरकार इस फेरबदल के जरिए आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी। खास तौर पर 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नेताओं को नई जिम्मेदारी
सूत्रों का कहना है कि इस विस्तार में कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन में भेजा जा सकता है, जबकि संगठन में कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस तरह सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। BJP नेतृत्व का मानना है कि इससे प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नई ऊर्जा आएगी।
UP Cabinet Expansion: सक्रिय चेहरों को मौका
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में शामिल कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई है। इसी के आधार पर करीब 10 से 12 मंत्रियों को बदले जाने पर बात की गई। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं माना गया है, उन्हें हटाकर नए और सक्रिय चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
तीसरा उपमुख्यमंत्री पद
इस विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा तीसरे उपमुख्यमंत्री पद को लेकर हो रही है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 2 उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि सरकार तीसरे डिप्टी CM का पद भी बना सकती है।
कहा जा रहा है कि यदि ऐसा होता है तो यह पद किसी OBC या दलित चेहरे को दिया जा सकता है। इससे BJP विपक्ष के उस राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देना चाहती है जिसमें सामाजिक न्याय और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की बात की जाती रही है।
