Stambheshwar Mahadev Temple: भारत देश में वैसे तो बहुत से अद्भुत और अनोखे मंदिर हैं, जो अपने आप में रहस्यमयी होते हैं, हर मंदिर की एक अलग मान्यता एक अलग कथाएं है। ऐसा ही एक बेहद अनोखा मंदिर गुजरात के भरुच के पास कावी – कंबोई समुद्र तट पर स्थित है। वह मंदिर स्तंभेश्वर महादेव मंदिर के नाम से देशभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं बल्कि अपने चमत्कारिक घटना की वजह से प्रसिद्ध है।
यह मंदिर ‘गायब मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।
Stambheshwar Mahadev Temple: क्या है इस जगह की विशेषता
यह एक ऐसा मंदिर है जहां भगवान भोलेनाथ दिन में 2 बार दर्शन देते हैं। और फिर गायब हो जाते हैं। इसी वजह से यह मंदिर ‘गायब मंदिर’ के नाम से भी प्रसिद्ध है। यहां लोग दूर – दूर से भगवान का यह अद्भुत चमत्कार देखने आते हैं।
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Stambheshwar Mahadev Temple: क्यो देते है भगवान 2 बार दर्शन?
जिस समुद्र के तट पर मंदिर है, वहां 2 बार उच्च ज्वार आता है, जिसकी वजह से यह मंदिर पानी के अंदर समा आ जाता है। और सिर्फ शिवलिंग का ऊपरी हिस्सा ही दिखाई देता है। और फिर भाटा आने पर पूरी तरह प्रकट हो जाता है।
स्तंभेश्वर महादेव नाम के पीछे की वजह?
यह मंदिर गुजरात के भरुच जिले के कावी-कंबोई (Kavi Kamboi) गांव के पास अरब सागर के तट पर स्थित है, जिसे लोग गायब मंदिर या स्तंभेश्वर महादेव के नाम से जानते हैं।

इस मंदिर के नाम के पीछे भी एक अद्भुत कथा है। स्तम्भेश्वर महादेव नाम के पीछे यहां स्थापित मजबूत स्तंभों और भगवान कार्तिकेय द्वारा स्थापित शिवलिंग की वजह ‘स्तंभेश्वर’ रखा गया। कहा जाता है कि यहां भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर वध के बाद यहां तपस्या की थी।
पूजा का समय ज्वार – भाटा से होता है तय
इस मंदिर में पूजा ज्वार- भाटा को देखकर तय किया जाता है। यहा कम ज्वार के समय ही मंदिर में प्रवेश कर पाते हैं। तभी भगवान के दर्शन कर पाते हैं, यह प्रकृति और भक्ति का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है, इसे लोग यहां का अद्भुत चमत्कार मानते हैं।
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ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान शंकर को स्वयं समुद्र दिन में दो बार अभिषेक करता है।
इस मंदिर में कैसे पहुंचे ?
यह मंदिर वडोदरा से लगभग 75 किमी दूरी पर है, वहीं अहमदाबाद से लगभग यह मंदिर 160 किमी दूरी पर है। सड़क मार्ग से अपने वाहन या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
भक्त दूर – दूर से यह चमत्कार देखने यहां आते हैं।
