Ramvan Temple Mp: भगवान राम के मध्यप्रदेश में कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, ऐसे में एक धार्मिक और ऐतहासिक राम मंदिर है, जो कि सतना शहर से कुछ दूरी पर सज्जनपुर में स्थित है, यह मंदिर ‘रामवन’ के नाम से पूरे मध्यप्रदेश में प्रसिद्ध है।

कहा जाता है, कि वनवास के दौरान भगवान राम इस स्थान पर ठहरे थे।
मंदिर में हनुमान जी की विशाल प्रतिमा
इस मंदिर में भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी की विशाल प्रतिमा स्थापित है, जो भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। यह प्रतिमा लगभग 39 फीट की है। यहां रामवन की दीवारों पर पूरी रामायण उकेरी गई है।
यहां भगवान राम के अलावा मां पार्वती और भगवान शिव अपने पुत्र गणपति बप्पा और कार्तिकेय के साथ विराजमान हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य से भी है भरपूर
यह मंदिर धार्मिक के साथ – सात प्रकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, यहां भगवान राम – माता सीता, लक्ष्मण विराजमान है। यहां राधा – कृष्ण भी विराजमान है। यहां पूरी रामायण की कहानी को चित्र द्वारा बताया गया है। वहां एक तलाब है, चारों तरफ पेड़- पौधे है, जो धर्म के साथ – साथ प्रकृतिक सुंदरता का संगम है।

बच्चों के लिए खास इंतजाम
रामवन एक धार्मिक स्थल है, लेकिन यहां बच्चों के मनोरंजन के साधन भी बनाए गए हैं। यहां लोग पिकनिक मनाने भी आते है। यहां बच्चों के लिए रोमन ट्रेन, एन्जिन राइड, एयरोप्लेन राइड, एलीफेन्ट राइड, डिस्क राइड, हिट ओ मिस, मल्टी प्ले स्टेशन, एयरोप्लेन मेरी गो राउंड, एयर हॉकी, बास्केट बॉल, सर्किल मैनिया पण्डा, स्पीड बॉल, ऑटो कार रेस, आर्केड फाइट, डॉक कैचर आदि शामिल हैं। ये सारी चीजें बच्चों के मनोरंजन के लिए बनाया गया है।
रामवन का इतिहास और धार्मिक महत्व
यह स्थान अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की वजह से श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां के पंडित बताते हैं कि, वर्ष 1929 में यह स्थान तब विशेष रूप से प्रसिद्ध हुआ जब यहां लगातार 12 वर्षों तक अखंड मानस पाठ का आयोजन किया गया
इसके बाद वर्ष 1936 में सेठ बाबू शारदा प्रसाद ने यहां भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा स्थापित करवाई। इस प्रतिमा को बिरसिंहपुर के प्रसिद्ध कारीगर सन्यासी महाराज ने तैयार किया था, जो अपनी उत्कृष्ट शिल्पकला के लिए जाने जाते थे।
श्रीराम ने यहां किया था विश्राम
यहां वनवास के दौरान जब श्रीराम चित्रकूट जा रहे थे, इस स्थान पर कुछ समय के लिए विश्राम किया था। इस वजह से यह स्थल काफी प्रसिद्ध है, और इसे रामवन कहा जाता है।
