Hanuman Temple Itarsi: नर्मदापुरम संभाग के इटारसी में स्थित ब्रिटिश काल का प्रसिद्ध ओवरब्रिज हनुमान धाम मंदिर आज भी श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जब भी कोई ट्रेन मंदिर के सामने से गुजरती है, तो लोको पायलट हॉर्न बजाकर बजरंगबली को सलामी देता है और सुरक्षित यात्रा की कामना करता है।
100 साल पुराना है मंदिर का इतिहास…
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर करीब 100 साल से भी अधिक पुराना है। यह उस दौर की बात है जब अंग्रेज़ों के समय रेलवे लाइन बिछाने का काम चल रहा था। निर्माण कार्य में लगातार रुकावटें आ रही थीं, जिससे इंजीनियर परेशान थे। तभी एक हिंदू कर्मचारी ने सलाह दी कि अगर यहां हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाए, तो कार्य सफल हो सकता है।

हनुमान प्रतिमा की स्थापना के बाद बना शुभ माहौल…
अंग्रेज इंजीनियरों ने उस कर्मचारी की बात मानी और होशंगाबाद से पत्थर की हनुमान प्रतिमा लाकर यहां स्थापित की। प्रतिमा स्थापना और पूजा के बाद, रेलवे निर्माण का काम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। तभी से यहां नियमित पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और अखंड रामायण पाठ का आयोजन होने लगा।
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रेल्वे कर्मचारियों की गहरी आस्था…
मंदिर रेलवे ट्रैक के बीचोंबीच बना हुआ है, जिससे दिनभर ट्रेनों की आवाजाही रहती है। जब भी कोई ट्रेन मंदिर के पास से गुजरती है, तो लोको पायलट अपनी श्रद्धा के रूप में हॉर्न बजाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और आज भी रेलवे कर्मचारियों की आस्था इस मंदिर से गहराई से जुड़ी हुई है।

हनुमान जयंती पर भव्य आयोजन…
हर साल हनुमान जयंती के अवसर पर यहां भव्य उत्सव आयोजित किया जाता है। भक्तजन बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं और बजरंगबली के दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है।
राजनेता और हस्तियां भी लेते हैं आशीर्वाद…
सिर्फ आम श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि कई राजनेता, अधिकारी और प्रसिद्ध हस्तियां भी यहां दर्शन के लिए आती हैं। इटारसी का यह हनुमान धाम आज भी विश्वास, भक्ति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है — जहां हर गुजरती रेल बजरंगबली को नमन करती है और सुरक्षा की कामना करती है।

