
Supreme Court भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने से रोकने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
पीथमपुर में ही जलेगा जहरीला कचरा

सुप्रीम कोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा की याचिकाकर्ताओं के सभी पक्षों को हाईकोर्ट ने सुन लिया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई सुनवाई नहीं करेगा।कोर्ट के इस रुख के बाद पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे के निष्पादन का ट्रायल आज से शुरू होगा। रामकी एनवायरो फैक्ट्री में कचरा जलाने का दूसरा ट्रायल 4 मार्च और तीसरा 12 मार्च से शुरू होगा।
हाईकोर्ट के आधार पर कार्रवाई
MP हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर कार्रवाई आज ट्रायल रन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जैसा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का आदेश है उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाए। एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन में जो कार्रवाई चल रही है, उसको भी एप्रिशिएट किया। कोर्ट ने राज्य सरकार, CPCB और एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किए गए प्रयासों को भी सराहा।
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पीथमपुर बना छाबनी
कचरा जलाने के विरोध में दायर इस याचिका को लेकर प्रशासन सतर्क है। 3 जनवरी को हुए विरोध को देखते हुए प्रशासन कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है। लिहाजा, इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों से 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी पीथमपुर में तैनात किए गए हैं।
3 ट्रायल रन
Supreme Court:- 30 मीट्रिक टन कचरा जलाने के लिए 3 ट्रायल रन दरअसल, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान के ट्रायल रन की मंजूरी दी है। इसके तहत 30 मीट्रिक टन कचरा जलाने के लिए तीन ट्रायल रन किए जाएंगे। पहले चरण में 135 किलो वेस्ट प्रति घंटा, दूसरे में 180 किलो और तीसरे चरण में 270 किलो कचरा प्रति घंटा नष्ट किया जाएगा।
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