UNSC सुधार की फिर उठाई मांग

S Jaishankar UN Speech:मुख्य बातें एक नजर में
- जयशंकर ने UNGA में पाकिस्तान को आतंक का केंद्र बताया
- पहलगाम हमला बताया “क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म” का उदाहरण
- कहा – भारत आतंकवाद से लड़ाई में सबसे आगे
- UNSC में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता की मांग दोहराई
- रूस ने फिर किया भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन
जयशंकर ने UN में पाकिस्तान पर बोला हमला, नाम न लेकर लगाए सीधे आरोप
S Jaishankar UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर पड़ोसी देश को आतंक का “ग्लोबल सेंटर” करार दिया। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा:
दशकों से दुनिया के बड़े आतंकी हमलों की जड़ें एक ही देश से जुड़ी हैं। जब आतंक को ‘राजनीति का औजार’ बना लिया जाता है, तो उसकी बिना शर्त निंदा जरूरी है।
उन्होंने साफ कहा
भारत को आजादी के बाद से ही ऐसे पड़ोसी का सामना करना पड़ा है, जो लगातार आतंकवाद को पनाह देता है। UN की आतंकी सूची में सबसे ज्यादा नाम उसी देश के हैं। आतंकवाद को पालने वाले आखिरकार खुद ही उसका शिकार बनेंगे।
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पहलगाम हमला बताया ‘क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म’ का ताजा उदाहरण
जयशंकर ने हालिया पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए उसे सीमापार आतंकवाद (Cross-border Terrorism) की जीती-जागती मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि
भारत अपने नागरिकों की रक्षा का हरसंभव अधिकार रखता है। आतंकी नेटवर्क्स को खत्म करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।
S Jaishankar UN Speech: UNSC में सुधार की जरूरत दोहराई
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद (UNSC) को “पुराना ढांचा” बताते हुए कहा कि सदस्य देशों की संख्या 4 गुना बढ़ चुकी है, लेकिन स्थायी सदस्यों की संख्या नहीं बढ़ी। भारत इसमें ज्यादा जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार है। यह वक्त है कि ग्लोबल साउथ की आवाज़ भी वैश्विक मंचों पर सुनाई दे।
रूस ने किया भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन
UNGA में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी भारत और ब्राजील को UNSC में स्थायी सदस्यता देने की वकालत की।
भारत और ब्राजील जैसे देशों को वैश्विक निर्णय लेने में ज्यादा भूमिका मिलनी चाहिए।
लावरोव ने ब्रिक्स और SCO जैसे समूहों की भूमिका को भी अहम बताया, जिन्हें उन्होंने “ग्लोबल साउथ की आवाज़” बताया।

भारत का वैश्विक योगदान भी गिनाया
S Jaishankar UN Speech: जयशंकर ने भारत की मानवता आधारित विदेश नीति को रेखांकित किया अफगानिस्तान और म्यांमार में भूकंप के बाद राहत दी अरब सागर में समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान भारत के सैनिक, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक – विश्व विकास में भूमिका निभा रहे हैं
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जयशंकर की स्पष्ट चेतावनी
लातों के भूत बातों से नहीं मानते। जो देश आतंक का समर्थन करते हैं, उन्हें इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
S Jaishankar UN Speech: भारत की रणनीति स्पष्ट
जयशंकर का भाषण बताता है कि भारत अब सीधा, सटीक और स्पष्ट कूटनीति अपना रहा है पाकिस्तान के खिलाफ बिना लाग-लपेट के बात, UNSC में नई ताकतों को शामिल करने की पुरज़ोर वकालत, भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और ज़िम्मेदारी को आगे रखना और भारत” शब्द के इस्तेमाल से वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देना है।
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