un bilawal bhutto exposed india muslims fake claim press : भारतीय मुस्लिमों पर बदनामी का आरोप
un bilawal bhutto exposed india muslims fake claim press : संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में मंगलवार देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत के खिलाफ एक बार फिर विवादास्पद और झूठे बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को भारत सरकार राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है ताकि देश के मुसलमानों की छवि खराब की जा सके।
लेकिन इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक जागरूक पत्रकार ने बिलावल की बात को तुरंत चुनौती दी। पत्रकार ने कहा कि, “आप भारत पर मुस्लिम विरोधी रवैये का आरोप लगा रहे हैं, जबकि मैं खुद भारतीय सेना की ब्रीफिंग देख चुका हूं, जिसमें मुस्लिम अधिकारी ही मौजूद थीं।”
📸 भारतीय मुस्लिम अधिकारी फ्रंट पर
पत्रकार के इस सवाल का सीधा इशारा भारतीय सेना की दो महिला अधिकारियों की ओर था – कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह।
इन दोनों ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर पर एक विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग दी थी, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल थे।
यह ब्रीफिंग भारत की पारदर्शिता और एकजुटता का उदाहरण थी। ऐसे में बिलावल का भारत पर मुसलमानों को बदनाम करने का आरोप न केवल निराधार था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की किरकिरी कराने वाला साबित हुआ।
🗣️ बिलावल का दावा: “शांति चाहते हैं, लेकिन शर्तों के बिना”
भुट्टो ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है, लेकिन यह शांति किसी शर्त पर आधारित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने पहलगाम हमले की जांच किए बिना पाकिस्तान को दोषी ठहरा दिया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को जांच में मदद की पेशकश दी थी, लेकिन भारत ने कोई जवाब नहीं दिया।
⚠️ भुट्टो के आरोप बनाम भारतीय सच्चाई
| बिलावल का दावा | भारतीय तथ्य |
|---|---|
| भारत ने मुसलमानों को बदनाम किया | ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग मुस्लिम महिला अधिकारी ने की |
| बिना जांच के पाकिस्तान को दोषी ठहराया | भारत ने पुख्ता खुफिया रिपोर्टों के आधार पर प्रतिक्रिया दी |
| सीमा पार निर्दोषों को मारा गया | भारत की कार्रवाई टारगेटेड थी, आतंकियों पर केंद्रित |
💥 परमाणु देशों के बीच तनाव पर भुट्टो की चिंता
बिलावल ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश हैं और अगर तनाव और बढ़ता तो हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते थे। उन्होंने यह माना कि इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मध्यस्थता ने हालात को शांत करने में बड़ी भूमिका निभाई।
🌍 पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय दौरा: छवि सुधारने की कोशिश?
भारत की तरह पाकिस्तान ने भी अपनी बात अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए एक 9-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजा है। इसकी अगुवाई बिलावल भुट्टो कर रहे हैं। यह डेलिगेशन न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डीसी, लंदन और ब्रुसेल्स का दौरा करेगा।
डेलिगेशन के प्रमुख सदस्य:
-
डॉ. मुसद्दिक मलिक (जलवायु मंत्री)
-
शेरी रहमान (पूर्व सूचना मंत्री)
-
हिना रब्बानी खार (विदेश मामलों की संसदीय समिति प्रमुख)
-
खुर्रम दस्तगीर खान (पूर्व रक्षा मंत्री)
-
जलील अब्बास जिलानी और तहमीना जंजुआ (पूर्व विदेश सचिव)
साथ ही, शहबाज शरीफ के विशेष सहायक तारिक फातिमी की अगुवाई में एक और डेलिगेशन रूस भी गया है।
📄 ऑपरेशन सिंदूर पर नया खुलासा
पाकिस्तानी दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में कई ऐसे ठिकानों पर कार्रवाई की, जिनका भारतीय सेना ने सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया।
विशेषज्ञों का अनुमान: यह भारत की रणनीतिक चुप्पी थी ताकि दुश्मन को पूरी कार्रवाई की जानकारी न मिले।
🔚 संयुक्त राष्ट्र में बिलावल भुट्टो के झूठे दावों की पोल उस पत्रकार ने खोल दी, जिसने भारतीय सेना की वास्तविकता सामने रखी। भारत में मुसलमानों को बदनाम करने की बात को झूठा साबित करते हुए, यह घटना न सिर्फ बिलावल बल्कि पाकिस्तान की कूटनीतिक छवि पर भी सवाल खड़े करती है।
जहां भारत संयम और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है, वहीं पाकिस्तान अभी भी प्रोपेगेंडा और झूठ का सहारा ले रहा है।
Read More :- देश में बारिश का कहर: मिजोरम में 11 दिन में 626 भूस्खलन, असम-मणिपुर में 8 लाख लोग बेघर
Watch Now:-किसानों को मोदी सरकार का तोहफा… MSP में बढ़ोतरी! | AGRICULTURE
