उमा भारती का बड़ा फैसला: “राजनीति में हाशिए पर नहीं हूं,” किया स्पष्ट
उमा भारती का बड़ा फैसला: मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता उमा भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे 2029 का चुनाव झांसी से ही लड़ेंगी। उनकी मंशा लोकसभा चुनाव लड़ने की है और पार्टी की इच्छा होने पर वह चुनाव में हिस्सा लेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राजनीति में हाशिये पर नहीं हैं और उनकी प्राथमिकता गाय और गंगा से जुड़े कार्य हैं, जिनके लिए वे दिल से काम कर रही हैं।
गोपाष्टमी पर गौ संरक्षण अभियान का शुभारंभ
उमा भारती ने बताया कि वे 29 अक्टूबर को गोपाष्टमी के मौके पर एक विशेष गौ संरक्षण अभियान की शुरुआत करेंगी। यह अभियान डेढ़ साल तक चलेगा, जिसमें नए गोचर बनाए जाएंगे और ग्राम पंचायतों से किसानों को जोड़ने का काम किया जाएगा। इस योजना के तहत लाड़ली बहनों को दो गायें भी दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त 4 नवंबर को गंगा सफाई अभियान भी शुरू होगा, जिसमें विभिन्न प्रदेशों के मुख्य लोग प्रयागराज में शामिल होंगे।
गौ और गंगा को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताया
उन्होंने कहा कि गाय और गंगा ही आत्मनिर्भर भारत की असली धुरी हैं। वर्तमान में अरब देशों में पेट्रोलियम से भारी मात्रा में कोष जमा हो रहा है, जबकि भारत में ये प्राकृतिक धरोहरें आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता का आधार हैं।
उमा भारती का बड़ा फैसला: वन इलेक्शन, वन नेशन की पैरवी
उमा भारती ने वन इलेक्शन, वन नेशन मॉडल की भी पैरवी की। उनका कहना था कि इससे लोकसभा से लेकर स्थानीय चुनाव 45 दिनों के भीतर हो सकते हैं, जिससे सरकार के बड़े अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नेता को सहज और सरल होना चाहिए, और पद-पोजीशन के लिए चालाकी से बचना चाहिए।
