Ujjain Mahakaleshwar mandir : सच जानने उज्जैन मंदिर पहुंचे साइंटिस्ट
Ujjain Mahakaleshwar mandir : मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में साइंटिस्टों ने सोम यज्ञ का अध्ययन किया. इस अध्ययन का मकसद यज्ञ से बारिश होने की संभावना का पता लगाना था. साइंटिस्टों ने यज्ञ के दौरान कई पैरामीटर्स जैसे तापमान, आर्द्रता और वायुमंडलीय गैसों का मापन भी किया.
रिसर्च प्रोजेक्ट की शुरुआत
ये रिसर्च प्रोजेक्ट ये पता लगाने के लिए शुरू किया गया है कि क्या सोम यज्ञ (एक हवन), जिसमें औषधीय पौधे सोमवल्ली (सरकोस्टेमा ब्रेविस्टिग्मा, एक तरह का ओलियंडर) का रस अग्नि में चढ़ाया जाता है. वह पर्यावरण को साफ कर सकता है और बादल संघनन को रोक सकता है, जिससे बारिश का पता चलता है.
25 पुजारियों ने हिस्सा लिया
24 से 29 अप्रैल तक होने वाले इस यज्ञ में कर्नाटक और महाराष्ट्र से करीब 25 पुजारियों ने हिस्सा लिया, जो ये यज्ञ करने के लिए पहुंचे. इस दौरान साइंटिस्ट की टीम ने कई पैरामीटर्स जैसे यज्ञ से निकलने वाली गैस, तापमान और आर्द्रता में बदलाव, एरोसोल बिहेवियर और बादल संघनन का अध्ययन किया. वैज्ञानिक आर्मी इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल करके अनुष्ठान की लपटों से निकलने वाले कणों की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह के बदलाव का पता लगाया जा सके.
बारिश के पैटर्न पर प्रभाव
साइंटिस्ट के रिसर्च का मकसद यह ये पता लगाने की कोशिश करना है कि क्या इस तरह के यज्ञों से बारिश के पैटर्न पर कोई प्रभाव हो सकता है. पिछले साल भी ऐसा ही यज्ञ किया गया था. इस बार वेदमूर्ति अध्वर्यु प्रणव काले, शौनक काले, ब्रह्मा यशवंत तालेकर, उद्गाता मुकुंद जोशी और गणेश कुलकर्णी समेत 25 पुजारी अनुष्ठान कर रहे हैं. इसके बाद 8 मई से 13 मई तक देवघर और द्वारका में भी अनुष्ठान किया जाएगा.
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