udhampur encounter jammu terrorist killed june 2025: सुबह-सुबह जंगलों में गोलियों की आवाज़, सेना ने जंगल खंगाल डाले!
udhampur encounter jammu terrorist killed june 2025: गुरुवार, 26 जून की सुबह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच जबर्दस्त मुठभेड़ हुई। इसमें अब तक जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी को मार गिराया गया है, जबकि तीन और आतंकी इलाके में छिपे हो सकते हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी है।
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?
IGP जम्मू जोन भीम सेन ने जानकारी दी कि बसंतगढ़ के बिहाली क्षेत्र में पिछले एक साल से चार आतंकियों के एक्टिव होने की सूचना थी।
गुरुवार सुबह 8:30 बजे खुफिया इनपुट के बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान जंगलों में छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, और जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी ढेर हो गया।
“इलाके में तीन और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका है। जंगलों में चौतरफा घेराबंदी की गई है,” – IGP जम्मू जोन
मुठभेड़ की तस्वीरें
- मारे गए आतंकी के पास से AK-47, हथगोले और सैटेलाइट फोन बरामद किए गए हैं।
- सेना का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है, ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
- क्षेत्र के सभी रास्तों को सील कर दिया गया है और नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।
पिछले तीन महीनों में LoC और घाटी में लगातार घुसपैठ की कोशिशें
🗓️ अप्रैल 2025:
- 23 अप्रैल: उरी सेक्टर में 2 आतंकवादी मारे गए, LoC पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम।
- 12 अप्रैल: अखनूर में मुठभेड़ में JCO कुलदीप चंद शहीद हुए।
- 11 अप्रैल: किश्तवाड़ में मुठभेड़, जैश के टॉप कमांडर सैफुल्लाह समेत 3 आतंकी ढेर।
🗓️ मार्च 2025 – कठुआ:
- तीन बड़े एनकाउंटर जिसमें 3 आतंकवादी मारे गए, 4 जवान शहीद हुए।
- 23, 28 और 31 मार्च को हीरानगर और पंजतीर्थी मंदिर क्षेत्र में मुठभेड़ें हुईं।
“जैश और लश्कर की प्रॉक्सी यूनिट्स LoC पार से लगातार घुसपैठ कर रही हैं,” – सेना सूत्र
सेना की रणनीति: हाई-टेक ट्रैकिंग और लोकल इंटेल का उपयोग
- ड्रोन सर्विलांस, नाइट विजन कैमरा और स्नाइफर डॉग यूनिट्स ऑपरेशन में तैनात।
- गांववालों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध हलचल की सूचना देने की अपील की गई है।
- जम्मू ज़ोन में सुरक्षा व्यवस्था रेड अलर्ट पर है।
घुसपैठ नहीं, युद्ध की तैयारी है!
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की लगातार बढ़ रही गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि यह केवल सीमा पार से “आना-जाना” नहीं है, यह पूरी तैयारी से छेड़ा गया युद्ध है।
हर एनकाउंटर की एक कीमत है—जवानों की शहादत और नागरिकों की चिंता।
लेकिन सेना, पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन ने साबित किया है कि भारत अब केवल जवाब नहीं देता, बल्कि रोकथाम भी करता है।
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