UAE सेना यमन से हटाएगा: पश्चिम एशिया की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने यमन से अपनी सेना वापस बुलाने का फैसला कर लिया है इसके साथ ही UAE ने यह भी साफ कर दिया है कि वह यमन में चल रहे आतंकवाद विरोधी सैन्य अभियानों को समाप्त कर रहा है, यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सऊदी अरब और UAE के बीच यमन को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं ।
Also Read-जर्मनी में ‘ओशन इलेवन’ जैसी चोरी: पार्किंग की दीवार तोड़ 290 करोड़ उड़ा ले गए चोर
UAE सेना यमन से हटाएगा: सऊदी-UAE के बीच बढ़ता तनाव
यह कदम उस विवाद के बाद सामने आया है जिसमें सऊदी अरब ने UAE पर यमन के अलगाववादी संगठन STC (सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल) को समर्थन देने का आरोप लगाया था सऊदी का दावा है कि UAE यमन के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय STC को हथियार और समर्थन दे रहा है इसी विवाद के बीच यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने UAE से 24 घंटे के भीतर अपनी सेना हटाने को कहा था। इस मांग को सऊदी अरब का समर्थन भी मिला था ।
Also Read-मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी
UAE सेना यमन से हटाएगा: मुकल्ला पोर्ट पर सऊदी हमला
तनाव और बढ़ गया जब सऊदी अरब की अगुआई वाले गठबंधन ने कल यमन के मुकल्ला पोर्ट पर हवाई हमला किया। सऊदी अरब का कहना था कि वहां पहुंचा एक जहाज UAE से हथियार लेकर आया था सऊदी के अनुसार ये हथियार STC को सौंपे जाने वाले थे जो इस समय यमन की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा विवादित पक्ष बना हुआ है ।
STC कौन है और विवाद क्यों?
सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) पहले यमन सरकार के साथ मिलकर हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रही थी लेकिन इस महीने हालात बदल गए. STC ने सऊदी समर्थित सरकारी सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया STC का साफ कहना है कि उसका लक्ष्य यमन के दक्षिणी हिस्से को एक अलग देश बनाना है यही मांग अब पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की बड़ी वजह बन गई है ।
