Skip to content
nationmirror.com

Nationmirror.com

Primary Menu
  • देश-विदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • गुजरात
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • जुर्म गाथा
  • खेल
  • फाइनेंस
  • ENTERTAINMENT
  • सनातन
  • Lifestyle
  • Infotainment
Video
  • Home
  • Lifestyle
  • Types of Heart Disease And Prevention: हृदय रोग के प्रकार और लक्षण..जानिए कैसे रखें दिल को स्वस्थ”
  • Lifestyle

Types of Heart Disease And Prevention: हृदय रोग के प्रकार और लक्षण..जानिए कैसे रखें दिल को स्वस्थ”

Hema Gupta February 6, 2025

Types of Heart Disease And Prevention: हृदय रोग,हृदय एक ऐसा अंग है जो लगातार ब्लड को पंप कर के ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है। यह अगर अपने नियमित कार्य को सही से नहीं कर पाता है तो इससे कई तरह के रोग उत्पन्न होते हैं

Read More:Problems and Changes During Periods: पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याएं और बदलाव, जानिए इससे जुड़ी कुछ भ्रांतियां..

इसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease) या कार्डियोवस्कुलर डिजीज भी कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जो हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी होती है। हृदय रोग के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जिनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हृदय का रुकना, हृदय गति विकार, और हृदय वॉल्व समस्याएं शामिल हैं। यह स्थिति अधिकतर जीवनशैली, आहार, तनाव, और जीन की वजह से उत्पन्न होती है।

Types of Heart Disease And Prevention: हृदय रोग के प्रकार

1.1 कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease)

यह हृदय रोग का सबसे सामान्य प्रकार है, जिसमें हृदय की रक्त वाहिकाएं (कोरोनरी आर्टरीज) संकुचित या अवरुद्ध हो जाती हैं। यह आमतौर पर वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों की वजह से होता है, जिन्हें प्लाक कहा जाता है। जब प्लाक रक्त वाहिकाओं में जमा हो जाता है, तो रक्त प्रवाह में रुकावट होती है, जिससे हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसे एंजाइना (Angina) कहा जाता है, और अगर रुकावट पूरी तरह से हो जाती है तो दिल का दौरा (Heart Attack) हो सकता है।

1.2 हृदय की विफलता (Heart Failure)

हृदय की विफलता तब होती है जब हृदय रक्त को सही तरीके से पंप नहीं कर पाता। इसका मतलब यह नहीं होता कि हृदय पूरी तरह से बंद हो जाता है, बल्कि इसका मतलब है कि हृदय की क्षमता कमजोर हो जाती है। हृदय विफलता से रक्त में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे शरीर के अंगों को प्रभावित किया जा सकता है।

1.3 अतालता (Arrhythmia)

अतालता एक स्थिति है जिसमें हृदय की धड़कन असामान्य हो जाती है। यह बहुत तेज़ (टैचीकार्डिया), बहुत धीमी (ब्रैडीकार्डिया), या अनियमित (फिब्रिलेशन) हो सकती है। अतालता रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती है और रक्त के थक्के बनने का कारण बन सकती है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक हो सकता है।

1.4 दिल का दौरा (Heart Attack)

दिल का दौरा तब होता है जब हृदय की एक रक्त वाहिका पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे वे मरने लगती हैं। यह स्थिति जीवन-धातक हो सकती है और तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।

 

Types of Heart Disease And Prevention: हृदय रोग के कारण

हृदय रोग के कई कारण हो सकते हैं। यह बीमारी जीन, जीवनशैली, आहार, और अन्य कारकों के मिश्रण के कारण उत्पन्न होती है। कुछ प्रमुख कारण…

1.मोटापा (Obesity): शरीर में अधिक वसा जमा होने से रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाता है।

2.उच्च रक्तचाप (Hypertension): उच्च रक्तचाप हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे हृदय की दीवारों में कठोरता और अवरुद्ध रक्त वाहिकाओं की संभावना बढ़ जाती है।

3.उच्च कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol): रक्त में अधिक कोलेस्ट्रॉल जमा होने से रक्त वाहिकाओं में प्लाक बन सकता है, जिससे रक्त प्रवाह में रुकावट होती है।

4.धूम्रपान (Smoking): धूम्रपान हृदय रोग का एक प्रमुख कारण है। यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है।

5.नशे की आदतें (Alcohol and Drug Abuse): अत्यधिक शराब पीने और नशीली दवाओं का सेवन भी हृदय रोग को बढ़ावा देता है।

6.कम शारीरिक गतिविधि (Physical Inactivity): व्यायाम की कमी से वजन बढ़ सकता है, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ाते हैं।

7.तनाव (Stress): लंबे समय तक तनाव में रहने से हृदय पर बुरा असर पड़ सकता है, और यह रक्तचाप को बढ़ाता है।

हृदय रोग के लक्षण

1.सीने में दर्द (Chest Pain): यह दर्द चुभने जैसा हो सकता है, या दबाव जैसा महसूस हो सकता है, खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान।

2.श्वास का कठिन होना (Shortness of Breath): सामान्य कार्य करते समय सांस लेने में कठिनाई।

3.थकान (Fatigue): सामान्य से अधिक थकावट महसूस होना।

4.चक्कर आना (Dizziness): शरीर में रक्त संचार के सही तरीके से न होने पर चक्कर आ सकते हैं।

5.पसीना आना (Sweating): बिना किसी कारण के अत्यधिक पसीना आना, विशेषकर सीने में दर्द के साथ।

6.सूजन (Swelling): टखनों, पैरों या पेट में सूजन, खासकर हृदय विफलता के मामलों में।

 

 हृदय रोग का इलाज और बचाव

शारीरिक टेस्ट के अलावा, डॉक्टर किसी भी दिल की बीमारी का पता लगाने के लिए व्यक्ति को ब्लड टेस्ट की सलाह देते हैं। अन्य नैदानिक टेस्ट में इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम, इकोकार्डियोग्राम, स्ट्रेस टेस्ट, सीटी स्कैन और हार्ट एमआरआई शामिल हैं – ये सभी किसी व्यक्ति की हृदय स्थितियों की स्पष्ट तस्वीर प्राप्त करने के लिए अच्छे तरीके हैं। आइए जाने कुछ बचाव के तरीके…

1.दवाइयां (Medications): उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, और दिल की धड़कन को नियंत्रित करने के लिए दवाइयां दी जा सकती हैं।

2.सर्जरी (Surgery): यदि रक्त वाहिकाओं में रुकावट है, तो सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है, जैसे बाईपास सर्जरी या स्टेंट लगवाना।

3.लाइफस्टाइल परिवर्तन (Lifestyle Changes): हृदय रोग को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और वजन घटाना आवश्यक है।

4.धूम्रपान और शराब छोड़ना (Quit Smoking and Alcohol): धूम्रपान और शराब छोड़ने से हृदय पर होने वाले दबाव को कम किया जा सकता है।

 

हृदय रोग से बचाव

हृदय रोग से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं:

1.स्वस्थ आहार (Healthy Diet): संतुलित और पौष्टिक आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, और हेल्दी फैट्स का सेवन करें।

2.नियमित व्यायाम (Regular Exercise): सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि करें।

3.वजन नियंत्रण (Weight Management): स्वस्थ वजन बनाए रखें, जिससे रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रह सके।

4.तनाव कम करें (Reduce Stress): योग, ध्यान, और गहरी सांस लेने की तकनीकें तनाव को कम कर सकती हैं।

 

About the Author

Hema Gupta

Author

"मैं हेमा गुप्ता, पिछले 2 वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं। एक क्रिएटिव और पैशनेट कंटेंट राइटर होने के साथ-साथ मैं ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव रखती हूं। मेरा फोकस स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट, सनातन संस्कृति और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों पर रहता है। सटीकता, सरल भाषा और रोचकता मेरी लेखन शैली की खासियत है। चाहे डिजिटल प्लेटफॉर्म हो या ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग, मेरा मकसद हमेशा ऑडियंस को सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना है.

View All Posts

Post navigation

Previous: IND vs ENG 1st ODI Series: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का आगाज, वरुण चक्रवर्ती कर सकते है डेब्यू..
Next: Indian breed cow: ब्राजील में भारतीय नस्ल की गाय 40 करोड़ रुपये में बिकी

Related Stories

Hair Protection Tips
  • Lifestyle

Hair Protection Tips: होली खेलने के पहले और बाद में करें ये काम, बाल को नहीं होगा कोई नुकसान!

Hema Gupta February 28, 2026
पेट, जोड़ों और त्वचा को रखना चाहते हैं ठीक तो घर पर ज़रूर उगायें यह 3 औषधीय पौधे
  • Lifestyle

पेट, जोड़ों और त्वचा को रखना चाहते हैं ठीक तो घर पर ज़रूर उगायें यह 3 औषधीय पौधे

Rohan Umak February 27, 2026
जानवरों से प्यार करते हैं तो हो जायें सावधान, जानलेवा हो सकता है यह संक्रमण
  • Lifestyle

जानवरों से प्यार करते हैं तो हो जायें सावधान, जानलेवा हो सकता है यह संक्रमण

Rohan Umak February 26, 2026
  • सबके हितों की करेंगे रक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • वन्य जीवों के पुनर्स्थापन में मप्र बन गया है देश का आदर्श माडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • किसानों को कृषि केबिनेट में देंगे होली की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • ‘प्रोजेक्ट चीता’ से मिल रही मध्यप्रदेश को ‘चीता स्टेट’ की वैश्विक पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

You Know This

  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY
  • DESCLAIMER
  • TERMS and CONDITION
  • About Us
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की बस ट्रांसपोटर्स से चर्चा, अब नहीं होगी हड़ताल
  • भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनने जा रहा है नए भारत का प्रतीक, 87 एकड़ में बदलेगी इतिहास की तस्वीर?
  • उत्तराखंड में शुरू होगी ई-जीरो FIR व्यवस्था, शाह करेंगे शुभारंभ
  • राज्य स्तरीय HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, 300 करोड़ का कैंसर अस्पताल
  • पूर्व रेलकर्मी ब्लैकमेलिंग के आरोप में भोपाल में गिरफ्तार, कब्ज़े से मिली MD ड्रग, अवैध फायर आर्म
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.