मोदी ने ट्रंप को धन्यवाद दिया
Tahawwur Rana पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में 13 फरवरी को मुलाकात की थी। बैठक में एक पाकिस्तानी व्यापारी पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब ट्रंप से इस कारोबारी के बारे में पूछा गया तो ट्रंप ने उन्हें दुनिया के सबसे बुरे लोगों में से एक बताया।
ट्रंप ने कहा, ‘मैं इसे भारत को सौंपकर खुश हूं। अब वह भारत जाकर न्याय का सामना करेगा। इसके जवाब में पीएम मोदी ने ट्रंप का शुक्रिया अदा किया।
ट्रंप ने कहा, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरी सरकार ने भयावह मुंबई हमलों की साजिश रचने के आरोपी दुनिया के सबसे बुरे लोगों में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। अब वह भारत जाकर न्याय का सामना करेगा।
पीएम मोदी ने कहा, मुंबई आतंकी हमले के आरोपियों को पूछताछ और सुनवाई के लिए भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। मैं इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प को धन्यवाद देता हूं।
तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल के बिजनेसमैन हैं
तहव्वुर हुसैन राणा पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक हैं। उस पर पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली की मदद करने का आरोप है। हेडली 26/11 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें बताया सबसे खराब इंसान
तहव्वुर हुसैन पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के पद पर कार्यरत थे। इसके बाद वह 1997 में कनाडा चले गए और वहां आव्रजन सेवाएं प्रदान करने वाले व्यवसायी के रूप में काम करना शुरू कर दिया।
यहां से वह अमेरिका पहुंचे और शिकागो समेत कई जगहों पर फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज नाम से कंसल्टेंसी फर्म खोली। अमेरिकी अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, राणा कई बार कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड भी जा चुका है। वह लगभग 7 भाषाएं बोल सकते हैं।
तहव्वुर हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का बचपन का दोस्त
पिछले साल अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी अभियोजकों ने दलील दी थी कि तहव्वुर हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का बचपन का दोस्त था और जानता था कि हेडली लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है। तहव्वुर हेडली की मदद करके और उसे वित्तीय सहायता प्रदान करके आतंकवादी संगठन और उससे जुड़े आतंकवादियों का समर्थन कर रहा था।
राणा को इस बात की जानकारी थी कि हेडली किससे मिल रहा है और वह किस बारे में बात कर रहा है। उसे हमले की योजना और कुछ ठिकानों के नाम भी पता थे। अमेरिकी सरकार ने कहा है कि राणा पूरी साजिश का हिस्सा था और इस बात की प्रबल संभावना है कि उसने आतंकवादी हमले के वित्तपोषण का अपराध किया हो।
डेविड हेडली मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड
तहव्वुर राणा उसका बचपन का दोस्त था जिसने हमले को अंजाम देने में उसकी मदद की थी। राणा ने ही हेडली को मुंबई में फर्स्ट वर्ल्ड नाम का दफ्तर खोलने में मदद की थी। उसने अपनी आतंकी गतिविधियों को छिपाने के लिए यह ऑफिस खोला था। आव्रजन परामर्श के माध्यम से हेडली ने भारत की यात्रा शुरू की, उन स्थानों की तलाश की जहां लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी हमलों को अंजाम दे सकता है। उन्होंने मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के ताज होटल में रेकी की। बाद में यहां भी हमले हुए।
हेडली ने अपने बयान में कहा कि राणा ने द फर्स्ट वर्ल्ड से जुड़े एक शख्स को हेडली के लिए दस्तावेज तैयार करने का आदेश दिया था। ताकि मुंबई में पहला विश्व कार्यालय खोलने की झूठी कहानी सच साबित हो। ये सारी बातें ईमेल और अन्य दस्तावेजों के जरिए साबित हुई हैं।
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राणा को अक्टूबर 2009 में गिरफ्तार किया गया
Tahawwur Rana:- अक्टूबर 2009 में एफबीआई ने तहव्वुर राणा को अमेरिका के शिकागो में ओ’हारे एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। उस पर मुंबई और कोपेनहेगन में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए जरूरी सामग्री मुहैया कराने का आरोप है। हेडली की गवाही के आधार पर तहव्वुर को 14 साल जेल की सजा सुनाई गई। इसके बाद उन्हें पांच साल तक निगरानी में रहना पड़ा था।
