Trump Tariffs Global Impact : भारत के कपड़ा क्षेत्र को मिला नया मौका
Trump Tariffs Global Impact : अमेरिका और उसके वैश्विक व्यापार साझेदारों के बीच बढ़ता व्यापार युद्ध अब एक नए स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ ऐलान के बाद दुनिया भर के देशों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी है।
कनाडा का 25% टैरिफ ऐलान
कनाडा ने गुरुवार को अमेरिकी कारों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह निर्णय अमेरिका के उन टैरिफ के जवाब में लिया गया है, जो कनाडा के निर्यात पर लगाए गए थे। यह कदम अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में तनाव को और बढ़ा देता है।
प्रभाव: यह टैरिफ अमेरिका में कारों की कीमतों को बढ़ा सकता है, जिससे वहां ऑटोमोबाइल उद्योग पर असर पड़ेगा।
फ्रांस ने अमेरिका में निवेश पर लगाया रोक
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका में अपने सभी निवेशों पर रोक लगा दी है। मैक्रों ने कहा, “ट्रम्प को यूरोपीय संघ पर लगाए गए 20% टैरिफ को वापस लेना होगा, तभी हम अपने निवेश पर पुनर्विचार करेंगे।”
प्रभाव: यह निर्णय वैश्विक व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, खासकर यूरोपीय कंपनियों के अमेरिका में निवेश पर।
भारत पर अमेरिका का 27% टैरिफ
अमेरिका ने भारत पर 27% टैरिफ लगाया है, जो 9 अप्रैल से लागू होगा। इससे पहले 5 अप्रैल से 8 अप्रैल के बीच भारत के उत्पादों पर 10% बेसलाइन टैरिफ लगाया जाएगा।
कपड़ा क्षेत्र के लिए अवसर
अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत के कपड़ा उत्पादों को अब नए बाजारों में प्रवेश करने का मौका मिलेगा, खासकर उन देशों में जहां अमेरिका के टैरिफ से प्रभावित कंपनियां अपने उत्पादन स्थानांतरित कर सकती हैं।
भारत के फायदे
1. निर्यात में विविधता: अमेरिका पर निर्भरता कम होगी।
2. नए व्यापारिक साझेदार: अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में नए अवसर।
3. आंतरिक उत्पादन को बढ़ावा: घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी।
अन्य देशों पर अमेरिका का टैरिफ प्रभाव
– थाईलैंड: 37% टैरिफ
– ताइवान: 32% टैरिफ
– जापान: 24% टैरिफ
– सऊदी अरब, मिस्र, ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड : बेसलाइन 10% टैरिफसाथ ही, अमेरिका ने आयातित कारों और कार के पार्ट्स पर 25% टैरिफ वसूली शुरू कर दी है, जिससे वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग पर प्रभाव पड़ा है।
भारत के लिए रणनीतिक लाभ
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण भारत के लिए कई नए दरवाजे खुल रहे हैं
– चीन के विकल्प के रूप में भारत : कंपनियां चीन से उत्पादन स्थानांतरित कर भारत को प्राथमिकता दे रही हैं।
– निर्यात बढ़ाने के अवसर : भारत के अन्य व्यापारिक साझेदारों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना।
– नवाचार और तकनीकी विकास : उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के निर्माण में निवेश।
व्यापार युद्ध में भारत की नई भूमिका
वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच भारत के लिए यह एक सुनहरा मौका है। अमेरिका के टैरिफ से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद भारत अपने कपड़ा उद्योग, ऑटोमोबाइल क्षेत्र, और तकनीकी क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
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