ट्रम्प का कानून-व्यवस्था पर बड़ा फैसला: वॉशिंगटन में 700 और नेशनल गार्ड तैनात

डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया पुलिस अब सीधे केंद्र सरकार के कंट्रोल में, विपक्ष और मेयर ने विरोध जताया है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती दोगुनी कर दी है। वेस्ट वर्जीनिया, साउथ कैरोलिना और ओहियो से कुल 700 गार्ड्स राजधानी भेजे जा रहे हैं। पहले से मौजूद 800 गार्ड्स के साथ अब संख्या 1500 के करीब पहुंचेगी।
क्यों उठाया गया यह कदम?
ट्रम्प ने कहा: राजधानी में हालात काबू से बाहर हैं। गिरोह और अपराधियों ने शहर को घेर लिया है। हम नेशनल गार्ड के ज़रिए कानून व्यवस्था बहाल करेंगे। ट्रम्प ने 1970 के होम रूल एक्ट का इस्तेमाल करते हुए राजधानी की पुलिस व्यवस्था भी अपने नियंत्रण में ले ली है। धारा 740 के तहत अब डीसी मेट्रोपॉलिटन पुलिस सीधे फेडरल कंट्रोल में है।
वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोउजर ने कहा
ट्रम्प बेबुनियाद डर पैदा कर रहे हैं। शहर में गोलीबारी ज़रूर चिंता का विषय है, लेकिन कुल अपराध दर घटी है।
विरोध प्रदर्शन तेज
ट्रम्प के फैसले के बाद राजधानी में लोग सड़कों पर उतर आए। व्हाइट हाउस तक मार्च किया गया। नेशनल गार्ड्स और पुलिस की भारी मौजूदगी देखी गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ट्रम्प राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सेना का दुरुपयोग कर रहे हैं।
होम रूल एक्ट: क्या है ये क़ानून?
1970 का एक्ट: डीसी की पुलिस को आम तौर पर स्थानीय मेयर कंट्रोल करती हैं। धारा 740: राष्ट्रपति आपात स्थिति में 48 घंटे के लिए पुलिस कंट्रोल ले सकते हैं। अगर 30 दिन से ज्यादा कंट्रोल चाहिए, तो संसद की मंज़ूरी जरूरी होती है। अभी यह साफ नहीं है कि ट्रम्प ने संसद की समिति को सूचना दी है या नहीं।
राजनीतिक मोड़ः चुनाव नजदीक, फैसले के मायने
2026 अमेरिकी चुनाव में ट्रम्प फिर से उम्मीदवार हैं। वॉशिंगटन डीसी में फेडरल कंट्रोल और “लॉ एंड ऑर्डर” एजेंडा उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। डेमोक्रेट्स ने आरोप लगाया कि ट्रम्प शांति से चल रहे शहर में अराजकता का भ्रम पैदा कर रहे हैं।
अभी क्या स्थिति है?
वॉशिंगटन में कुल 1500 नेशनल गार्ड्स तैनात, पुलिस सीधे फेडरल कंट्रोल में है. विरोध प्रदर्शन जारी, सुरक्षा अलर्ट हाई. कानूनी और राजनीतिक लड़ाई तेज होने की संभावना
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