trump leaves g7 summit : ट्रंप का ऐलान: ‘सीजफायर नहीं, बात उससे कहीं बड़ी है!’
trump leaves g7 summit : कनाडा के अल्बर्टा राज्य के कैननास्किस शहर में आयोजित G7 समिट 2025 इस बार सिर्फ आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित नहीं रहा। इसके पहले ही दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पश्चिम एशिया के उबालते हालात चर्चा के केंद्र में आ गए। खासतौर पर जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समिट को बीच में ही छोड़कर अमेरिका रवाना हो गए।
🇺🇸 ट्रंप का बड़ा बयान: “सीजफायर के लिए नहीं लौट रहा”
समिट से निकलते वक्त ट्रंप ने मीडिया से दो टूक कहा,
“मैं सीजफायर के लिए नहीं लौट रहा हूं, बात उससे कहीं बड़ी है।”
ट्रंप के इस बयान ने G7 समिट में हलचल मचा दी। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण ट्रंप ने यह असाधारण फैसला लिया।
⚠️ क्या है मिडिल ईस्ट टेंशन की वजह?
G7 समिट में सबसे ज़्यादा चर्चा इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष की हो रही है। हाल ही में ईरान द्वारा इजराइल की सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरें आई थीं, जिसके जवाब में इजराइल ने पलटवार किया। इस तनाव को लेकर दुनिया भर में चिंता गहराई हुई है।
🇮🇱 G7 देशों ने दिया इजराइल का साथ
G7 समिट के पहले दिन संयुक्त बयान जारी करते हुए सभी सदस्य देशों ने इजराइल को समर्थन दिया और कहा कि:
“इजराइल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।”
“ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।”
इस बयान से यह साफ हो गया कि G7 देश ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के मूड में हैं।
📲 ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट
समिट से हटने से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“ईरान को परमाणु समझौते पर फिर से हस्ताक्षर करने चाहिए।
ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए – मैंने ये पहले भी कहा है और अब भी कह रहा हूं।
सभी को तुरंत तेहरान छोड़ देना चाहिए।”
📌 G7 समिट में ट्रंप की तीन बड़ी बातें बनी चर्चा का विषय
1️⃣ इजराइल-ईरान संघर्ष पर रुख
समिट में एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा था जो संघर्ष विराम को लेकर था, लेकिन कनाडा की न्यूज़ वेबसाइटों का दावा है कि ट्रंप इस पर साइन करने से इनकार कर रहे थे।
2️⃣ कनाडा-अमेरिका के झंडे वाली पिन
ट्रंप समिट में कनाडा और अमेरिका दोनों झंडों वाली पिन पहनकर पहुंचे। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का ये कदम कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा से जुड़ा है, हालांकि कनाडा पहले से इसका विरोध करता रहा है।
3️⃣ रूस की वापसी पर विवाद
ट्रंप ने G7 को फिर से G8 बनाने की वकालत की और कहा:
“बराक ओबामा और ट्रूडो नहीं चाहते थे कि रूस इसमें शामिल हो। मैं मानता हूं कि यह एक बड़ी गलती थी।”
ईरान और परमाणु हथियार – G7 की सख्त चेतावनी
G7 ने अपने संयुक्त बयान में ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि:
- ईरान को परमाणु कार्यक्रम तुरंत रोकना चाहिए
- IAEA (इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी) को पूरी पहुंच मिलनी चाहिए
- अगर ईरान ने सीमा पार की तो वैश्विक प्रतिक्रिया झेलनी पड़ेगी
📊 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया
- ब्रिटेन और फ्रांस ने ट्रंप के फैसले को ‘गंभीर और चिंताजनक’ बताया है।
- जर्मनी ने चेताया कि इस समय एकजुटता की जरूरत है, न कि अलगाव की।
- इजराइल ने ट्रंप को समर्थन देने के लिए धन्यवाद कहा है।
✍️ क्या G7 अब विभाजित हो रहा है?
G7 समिट का उद्देश्य वैश्विक सहयोग बढ़ाना था, लेकिन ट्रंप की आक्रामक और राष्ट्रवादी नीति ने समिट की दिशा को बदल कर रख दिया। ईरान और इजराइल के मुद्दे पर अमेरिका और बाकी देशों के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से उभर आए हैं।
अगले कुछ दिन यह तय करेंगे कि G7 समिट एकजुट रह पाएगा या इसमें दरार पड़ने लगी है।
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