trump israel 60 day: ट्रम्प का हमास को अल्टीमेटम – ना माना तो हालात बिगड़ेंगे!
trump israel 60 day: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि इजराइल 60 दिन के लिए गाजा में संघर्षविराम (ceasefire) को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कतर और मिस्र हमास को अंतिम प्रस्ताव पहुंचाएंगे और सभी पक्ष मिलकर युद्ध समाप्ति की दिशा में काम करेंगे।
ट्रम्प ने हमास को चेतावनी देते हुए लिखा:
“I hope … Hamas takes this DEAL, because it will not get better — IT WILL ONLY GET WORSE”
दुनिया की नजरें वाशिंगटन में, नेतन्याहू की गुरुवार की यात्रा
इस घोषणा के ठीक बाद खबर आई कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले सोमवार को वाशिंगटन में ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। यह दौर पिछले सप्ताह रॉन डर्मेर के दौरे के ठीक बाद आ रहा है, जिनके साथ व्हाइट हाउस में गोपनीय और रणनीतिक चर्चा हुई ।
ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि नेतन्याहू युद्ध समाप्ति की दिशा में गंभीर हैं, और उम्मीद है कि अगली सप्ताह सीजफायर समझौता हो सकता है (cnbc.com)।
21 महीने का संघर्ष — जारी मानवाधिकार संकट
इस वक्त गाजा में लगभग 21 महीने से संघर्ष जारी है, जो 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और बंधकों की अदला-बदली के बाद शुरू हुआ था। आंकड़ों के अनुसार, तब इजराइल में लगभग 1,200 लोग मारे गए और लगभग 251 बंधक बनाए गए ।
गाजा की स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार, अब तक 56,000 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, और लगभग 5 लाख लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं ।
UN की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर इजराइल ने पाबंदियां नहीं हटाईं, तो 21 लाख लोग अकाल की चपेट में आ सकते हैं।
सीजफायर की चुनौतियाँ और आगे की सोच
यह प्रस्ताव पिछली बार के 42‑दिन के वैधानिक समझौते से बड़ा कदम माना जा रहा है। उस दौरान बंधकों और कैदियों की रिहाई पर काम हुआ था। लेकिन हमास और इजराइल के बीच शर्तों पर अभी भी टकराव है—जैसे हमास का हथियार छोड़ना और इजराइल सेना की वापसी ।
ट्रम्प ने साफ कहा कि यह “उससे बेहतर मौका नहीं होगा”—आखिरी मौका हो सकता है। अगर हमास इंकार करता है, तो “हालात और खराब होंगे” ।
क्या बनेगा यह निर्णायक मोड़?
यह प्रस्ताव क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर नया आशा जगा रहा है। लेकिन यह केवल इजराइल की सहमति पर आधारित है—अब देखना यह है कि हमास क्या जवाब देता है। अगर वे समझौते को ठुकरा देते हैं, तो सैन्य कार्रवाई को पुनर्जीवित किया जा सकता है, और घातक स्थिति बन सकती है।
अगले सप्ताह वाशिंगटन में नेतन्याहू और ट्रम्प की मुलाकात इस दिशा में बेहद निर्णायक होगी। वहीं हम सभी की दुआ है कि इस समय हमारा मकसद शांति और मानवाधिकार बनें।
Watch Now :- रायपुर सूटकेस मर्डर केस | दोस्त बना हैवान, प्रॉपर्टी के लालच में की प्लानिंग 🔍 | पूरी कहानी जानिए
Read More :- ट्रम्प का मास्टरस्ट्रोक: इजराइल 60‑दिन के गाजा सीजफायर के लिए तैयार
